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Lucknow News: 20-25 साल से जमे आठ डॉक्टर, साल भर में ही पांच का तबादला

Mon, 03 Jul 2023 10:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। सरकार की स्थानांतरण नीति जिले में तैनात चिकित्सकों पर बेअसर है। आठ चिकित्सक 20-25 साल से जिले में ही जमे हैं, लेकिन इस बार भी इनका तबादला नहीं किया गया। शासन ने पिछले साल आए तीन डॉक्टरों समेत पांच लोगों को एक साल के अंदर ही गैर जिले के लिए फिर तबादला कर दिया। जिले के 11 डॉक्टरों समेत 16 लोगों का तबादला किया गया है, लेकिन इसमें स्थानांतरण नीति के मात्र दो डॉक्टर ही शामिल किए गए हैं।
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वर्तमान समय में जिला जेल के अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. सुनील अग्रवाल और ऊंचाहार सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ला करीब 25-25 साल से जिले में तैनात हैं। महराजगंज के अधीक्षक पद से डिप्टी सीएम के आदेश पर हटाए गए डॉ. राधाकृष्ण भी 24 साल से जिले में ही काम कर रहे हैं। प्रमोशन होने के बाद भी सलोन में ही जमें डॉ. पीके बैसवार भी 20 साल की सेवा जिले को दे चुके हैं। वर्तमान में जिला कुष्ठ रोग अधिकारी के पद पर काम कर रहे एसीएमओ डॉ. राम बहादुर 21 साल और बछरावां के सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके जैसल 10 से जिले में जमे हैं। एसीएमओ डॉ. श्रीकृष्णा व डॉ. एके चौधरी भी 18-18 साल से जिले में ही जमे हैं।
स्थानांतरण नीति के तहत वर्ष 2020 में जिले में आए डॉ. आशुतोष कुमार व डॉ. सूर्यभान को फिर दूसरे जिले भेज दिया गया। आशुतोष को बस्ती व सूर्यभान को प्रयागराज भेजा गया है। पिछले साल आईं सिस्टर गायत्री व स्टाफ नर्स मिथलेश का फिर तबादला कर दिया गया। इसके अलावा साढ़े पांच साल तक यहां रहे एसीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह को अमेठी का नया सीएमओ बनाया गया है। करीब 19 साल तक यहां काम करने वाले एसीएमओ डॉ. अजय कुमार चौधरी को चंदौली भेजा गया है।
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इसके अलावा डॉ. अभय कुमार भारती को 50 बेड के चंद्र नगर स्थित अस्पताल में भेजा गया है। डॉ. आदित्य पांडेय को लखनऊ, डॉ. दीप्ति नंदन को सहारनपुर, डॉ. तान्वी सेथी साहनी को बाराबंकी, डॉ. अभिषेक राय को लखनऊ, डॉ. सदफ तमन्ना को बाराबंकी, डॉ. सुनीता कुमारी को लखनऊ भेजा गया है। स्टाफ नर्स प्रीती गौतम को कानपुर, एआरओ नासिर हुसैन को प्रयागराज, एचईओ कृष्णावती को मुरादाबाद भेजा गया है। इसमें दो लोगों को छोड़ सभी पांच साल से कम समय तक जिले में सेवा दी है। 16 तबादलों में 14 लोगोंं का स्थानांतरण निजी अनुरोध पर किया गया है। निजी अनुरोध के चक्कर में लंबे समय से जिले में कुंडली मारे जमे डॉक्टरों का तबादला इस बार भी नहीं हो सका है।
डॉक्टरों को स्थानांरित करने का सरकार ने कई बार प्रयास किया, लेकिन कहीं न कहीं कोई जुगाड़ लगाकर ये चिकित्सक तबादले की सूची से बाहर रहने में सफल रहे। बछरावां सीएचसी में कई वर्षों से मौज काट रहे डॉ. एके जैसल की मनमानी डिप्टी सीएम, अपर निदेशक सहित अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण में पकड़ी, लेकिन उन पर कोई असर नहीं पड़ा। चिकित्सक पहले की तरह की मौज उड़ा रहे हैं। सभी का प्रमोशन हो चुका है, लेकिन न जाने विभाग की सबसे नीचे वाली कुर्सी से ही इन चिकित्सकों का मोह भंग क्यों नहीं हो रहा है।
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