लखनऊ। पेपर मिल काॅलोनी में जिस कार से किशोर ने दो महिलाओं को रौंदा था, वह कार अक्सर शहर में तेज रफ्तार में दौड़ाई जाती थी। स्टंटबाजी भी कार से की गई।
ये चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कार के हुए चालानों से। सूत्रों के मुताबिक, शराब कारोबारी का नाबालिग बेटा ही उस वक्त कार चलाता था। पुलिस की जांच में भी ये बात सामने आई है।
कार नंबर के आधार पर जब उसकी चालान हिस्ट्री देखी गई तो पता चला कि कार के आठ चालान हुए हैं। इसमें तीन चालान ओवरस्पीडिंग के हुए। जो दो-दो हजार रुपये के थे।
एक चालान छह हजार रुपये का है। जो ओवर स्पीडिंग के साथ रेसिंग व स्टंटबाजी करने के दौरान किया गया। एक चालान 1500 रुपये का है। अन्य चालान पांच-पांच सौ रुपये के हैं।
चालान हिस्ट्री से साफ है कि कार को अक्सर लापरवाही से चलाया जाता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस बारे में किशोर से बातचीत की गई तो उसने बताया भी था कि वह अक्सर कार से गोमतीनगर इलाके में घूमने जाता था। तब तेज रफ्तार में कार दौड़ाता था।