रविशंकर गुप्ता
लखनऊ। नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में अनुपात को दरकिनार कर दूसरे स्कूल में शिक्षकों का अटैचमेंट 2012 से अब तक चलता रहा। इस वजह से पिछले 12 साल तक छह हजार से अधिक बच्चों की पढ़ाई बाधित रही। इन शिक्षकों की वापसी मूल स्कूल में एक साल में ही होनी थी लेकिन अधिकारी बदलते रहे और बीआरसी पर बाबू मामले को दबाते रहे। यहां तक मानव संपदा पोर्टल पर भी शिक्षकों का ब्योरा अपलोड करवा दिया।
मामला उजागर होने के बाद कार्रवाई शुरू हुई और 31 शिक्षकों को मूल विद्यालय जाने का आदेश जारी हुआ। इसके बाद आरोपी शिक्षक कोर्ट गए तो वहां भी राहत नहीं मिली। बता देें कि 40 शिक्षकों में नौ सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं 31 विद्यालयों में अब शिक्षकों की कमी दूर हो सकेगी। करीब 12 शिक्षकों ने अभी जॉइन नहीं किया है, इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
तत्कालीन बाबू और बीईओ पर लटकी कार्रवाई की तलवार
मामला सामने आने के बाद तत्कालीन बीईओ और बाबुओं पर कार्रवाई की तैयारी है। तत्कालीन बीईओ नगर शिक्षा अधिकारी पंकज गुप्ता के कार्यकाल में ही सारा खेल हुआ था। वहीं बीएसए ने वर्तमान सभी बीईओ को चेतावनी जारी कर दी है कि जिसके क्षेत्र में भी अटैच शिक्षक मिले तो सख्त कार्रवाई होगी।
प्राथमिक विद्यालयों के ये 24 शिक्षक मिले अटैच
अर्चना गौतम (गाजीपुर से तेलीबाग), प्राची (पारा से भरवारा), अर्चना (गोसाईगंज -2 से गौराबाग), अर्चना श्रीवास्तव (घोसियाना से चिनहट), गीतांजलि (गाजीपुर बलराम से गाजीपुर), अर्चना (शुक्ला बाजार झाऊलाल से पानीगांव), भुवनेश्वरी (भरवारा प्रथम से पारा), मृदला सचान (अमोसी-टू से भिलावां), प्रेमलता सिंह (मड़ियांव से अलीगंज), आरती सिंह (स्कूटर इंडिया से खरगपुर), अलका गौड़ (अमरई गांव से सिंकदरपुर), अनुराधा सचान (गाजीपुर बलराम से चांदन), अनुपम यादव (रहिमाबाद से कसिमपुर), भावना (लौंगाखेड़ा से भेड़ीमंडी), परवीन खानम (मर्दनखेड़ा से पंचमखेड़ा), सुनीता (खरिका से नगर क्षेत्र), शमा बेगम (उतरेठिया से मर्दनखेड़ा), अनुपम वर्मा (कनौसी-टू से मर्दनखेड़ा), प्रीता श्रीवास्तव (बल्दीखेड़ा से आशियाना), पारुल श्रीवास्तव (बरौलिया से कनौसी प्रथम), नीतू दिवाकर (स्कूटर इंडिया से सालेह नगर), सुष्मिता श्रीवास्तव (कैबिनेटगंज से रेलवे), शर्मिला मिश्रा (केसरी खेड़ा नगर-टू से उतरेठिया), पुष्पा कटियार (घोसियाना से शेखपुर)।
ये सात और शिक्षक आए पकड़ में
ज्योति कश्यप (बर्फखाना से घसियारी मंडी), पंकज कुमार मिश्रा (धनेहरखेड़ा से गंगादीन खेड़ा), रुकैया (मिश्रिख बाग से भरवारा), दीपामाला (सआदतगंज से कनौसी-2), आशुतोष (जवाहर नगर से घोसियाना), आरती सिंह (किला मोहम्मदी से उतरेठिया), अरुण विश्वकर्मा (औरंगाबाद से इंडियन खेड़ा)।
बीईओ होंगे जिम्मेदार
शिक्षकों के अटैच होने से मूल विद्यालय में शिक्षकों की कमी थी, अब 31 विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी। जो शिक्षक अटैच पाए जाएंगे, उसके लिए बीईओ जिम्मेदार होंगे।
- राम प्रवेश, बीएसए