प्रदेश से निर्यात होने वाले सामानों की मांग बढ़ गई है। अखिलेश सरकार में 17 हजार करोड़ रुपये का निर्यात बढ़ा है।
वर्ष 2012-13 में प्रदेश का निर्यात 36 हजार करोड़ था जो वर्ष 2013-14 में बढ़कर 53 हजार करोड़ हो गया है।
यह जानकारी लघु उद्योग व निर्यात प्रोत्साहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भगवत सरन गंगवार ने सोमवार को दी।
प्रदेश में उद्योगों के लिए अलग फीडर से 24 घंटे बिजली दी जा रही है। प्रदेश में 17 कलस्टर उद्योगों की स्वीकृति भारत सरकार से मिली है।
इससे यह बातें बापू भवन में प्रदेश के निर्यातकों को ऑनलाइन सुविधा देने के लिए वेबसाइट का लोकार्पण करने के मौके पर कही।
निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो ने 2013-14 में अनुदानपरक योजनाओं में दावों के भुगतान के लिए प्रावधानित बजट 12.30 करोड़ से 1690 दावों, गेटवे पोर्ट योजनांतर्गत 4.15 करोड़ से 466 दावों और वायुयान भाड़ा युक्ति योजना में 15 लाख से 16 दावों का भुगतान किया गया।
उन्होंने कहा कि वायुयान तथा बंदरगाह से ले जाने वाले माल पर सरकार अनुदान दे रही है।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मेलों में यूपी की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टेडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
निर्यातकों को कोई असुविधा न हो इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2013-14 में हैंडीक्राफ्ट 44 प्रतिशत निर्यात हुआ है।
दक्षिण अफ्रीका में जोहान्सबर्ग तथा ब्राजील में लगने वाले व्यापार मेले में यूपी का दल भी जा रहा है। जापान से जूतों का बहुत बड़ा आर्डर मिला है।
जिला उद्योग केंद्रों के महाप्रबंधकों का प्रशिक्षण विदेशों में कराया जाएगा, जिससे उन्हें भी नवीन तकनीक की जानकारी मिल सके।