प्राधिकरण में घोषणा के बावजूद ठेकेदारों के दबाव के चलते
ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है।
एक दिसंबर से इसे शुरू किया
जाना था, मगर अब तक केवल 10 फीसदी ठेकेदारों ने ही डिजीटल सिग्नेचर दिए
हैं।
ई-टेंडरिंग शुरू करने के लिए पहले
एलडीए ने 1 दिसंबर की तारीख नियत की थी। तीन दिन अधिक बीतने के बावजूद
ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है।
एलडीए में करीब 200 ठेकेदार हैं।
इनमें केवल 20 ने डिजीटल सिग्नेचर दिए हैं।
इसके अलावा अधिशासी, सहायक
अभियंताओं को कोई ट्रेनिंग भी नहीं दी गई है।
हालांकि मुख्य अभियंता डीआर
यादव ने बताया कि, सभी अधिशासी अभियंताओं को जल्द ही ट्रेनिंग देकर
व्यवस्था का आगाज किया जाएगा।