लखनऊ। आरामदायक सफर का सपना देख रहे यात्रियों को मायूसी हाथ लगी है। चार्जिंग स्टेशन की सुविधा न होने के कारण रोडवेज लखनऊ क्षेत्र की 18 नई इलेक्ट्रिक बसें डिपो में खड़ी धूल फांक रही हैं। बिजली विभाग के समय पर कनेक्शन न देने से बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका, जिससे हजारों यात्रियों को सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, इन बसों को होली के पहले सड़क पर उतारने की योजना थी। संचालन के लिए बाराबंकी में चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जा रहा है। स्टेशन के लिए विद्युत विभाग को 1260 केवीए का कनेक्शन देना था, जिसमें हुई अत्यधिक देरी के कारण चार्जिंग सिस्टम शुरू नहीं हो सका। नतीजतन, होली के पहले इन बसों को सड़कों पर उतारने की योजना धराशायी हो गई। इन 18 ई बसों को लखनऊ से अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर के बीच चलाया जाना था। प्रत्येक रूट पर चार-चार बसें आवंटित की गई थीं। प्रशासन ने इसके लिए चालक और परिचालकों को विशेष प्रशिक्षण भी दे दिया था, लेकिन संसाधन के अभाव में बसें डिपो से बाहर नहीं निकल सकीं। अब अगले 15 दिनों के भीतर चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।