लखनऊ। एसी इलेक्ट्रिक बसें भले ही यात्रियों को रास आ रही हों, पर रोडवेज अफसरों को ये बिल्कुल अच्छी नहीं लग रहीं। वजह यह है कि ई-बसों से रोडवेज बसों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। शहर की सीमा से बाहर जाने वाली ई-बसों को लेकर रोडवेज अफसरों ने आपत्ति जताई है। कहा है कि इससे साधारण बसों को यात्री नहीं मिल रहे हैं, जिससे रोडवेज को नुकसान हो रहा है।
लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड की एसी इलेक्ट्रिक बसें रोडवेज बसों को चपत लगा रही हैं। यात्री रोडवेज बसों से सफर करने की जगह ई-बसों से सफर करना पसंद कर रहे हैं। यात्री कम किराये में संडीला, नैमिषारण्य, गंगागंज और बाराबंकी तक संचालित हो रहीं एसी सिटी बसों को तरजीह दे रहे हैं। इन्हीं रूटों पर संचालित होने वाली साधारण रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या कम हो रही है, जिससे रोडवेज को नुकसान हो रहा है।
ऐसे में अब लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार पुंडीर ने शहर की सीमा से बाहर संचालित होने वाली सिटी बसों पर रोक लगाने के लिए परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक के समक्ष मुद्दा उठाने की तैयारी की है। उनका कहना है कि अब रोडवेज बसों की फ्लीट में नई बसें जुड़ रही हैं। लिहाजा, बसों की संख्या बढ़ने पर इन्हीं रूटों पर संचालन कराया जाएगा। ऐसे में जब हमारे पास काफी संख्या में बसें होंगी तो सिटी बसों का संचालन उन रूटों पर न किया जाए। क्षेत्रीय प्रबंधक का तर्क है कि सिटी बसें शहर की सीमा के अंदर चलने के लिए हैं। उनका परमिट सिटी के अंदर चलने के लिए होता है। शहर की सीमा से बाहर जाती हैं तो यह नियमों का उल्लंघन है।
जनप्रतिनिधियों की मांग पर चल रहीं ई-बसें
लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर ई-बसों को शहर के बाहरी रूटों पर शुरू किया है। कहीं विधायक की मांग पर इन बसों का संचालन किया गया तो कहीं सांसद की मांग पर। संडीला के लिए संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक एसी बसों की मांग संडीला के विधायक ने की थी। सरकार ने इसकी अनुमति दी, इसके बाद संचालन शुरू हुआ। नैमिषारण्य के लिए एसी सिटी बसों का संचालन नगरीय विकास राज्य मंत्री की मांग पर किया गया। चंद्रिका देवी के लिए एसी सिटी बसों का संचालन स्थानीय विधायक योगेश शुक्ला की मांग पर किया गया है।
यात्रियों को पसंद आ रहीं सिटी बसें
सरकार की मंशा के अनुरूप यात्रियों को सुविधा देने के लिए सिटी बसों का संचालन किया गया है। इलेक्ट्रिक एसी बसें साधारण बसों के किराए पर चलने से यात्रियों को काफी राहत मिल रही है। उन्हें गर्मी में पसीना बहाते हुए यात्रा नहीं करनी पड़ रही है। यात्रियों को ये बसें खूब पसंद आ रही हैं।
-आरके त्रिपाठी, एमडी, सिटी बस