रायबरेली। राही ब्लॉक क्षेत्र के मटिहा गांव में बना नाला दो माह में ही धंस गया। नाला के ऊपर लोगों के आने-जाने के लिए पत्थर तक नहीं रखे गए। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की। शहर से मटिहा गांव सटा हुआ है।
मटिहा में रहने वाले ग्रामीणों और गांव के आसपास रहने वाले लोगों को बारिश में जलभराव से राहत दिलाने के लिए दो माह पहले क्षेत्र पंचायत से लाखों रुपये से नाला बनवाया गया था। नाला निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। नतीजतन नाला बीच-बीच में धंस गया। इससे गुस्साए लोगों ने हंगामा करते हुए नाला निर्माण में की गई कमीशनबाजी की जांच कराने की मांग की। मटिहा रोड की रहने वाली बेबी, मनोज सोनकर, विवेक कुमार, उर्मिला, सीताराम, विवेक आदि ने आरोप लगाया कि ब्लॉक के अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते नाला निर्माण में कमीशनबाजी की गई। इन सबकी ठेकेदार से मिलीभगत थी। यही वजह रही कि नाला धंस गया। इससे पानी की निकासी नहीं हो पाएगी। हम लोगों को जलभराव से जूझना पड़ेगा। नाला को बंद तक नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने नाला निर्माण के लिए आई गिट्टी, मौरंग, ईंट तक बेच दी। बीडीओ ने जितेंद्र प्रताप सिंह ने मामला संज्ञान में आया है। नए सिरे से नाला बनवाया जाएगा। उधर, राही ब्लॉक प्रमुख राजू यादव ने बताया कि क्षेत्र पंचायत से ही नाला बनवाया गया था। नाला धंसने की जानकारी उन्हें हुई है। इसे दिखवाया जाएगा। लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।