लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की मनोवैज्ञानिक डॉ मानिनी श्रीवास्तव का कहना है कि यू परीक्षा में कम अंक मिलना जीवन की कोई बड़ी असफलता नहीं है। इससे हताश होने की जरूरत नहीं है। यह केवल एक परीक्षा का परिणाम है, आपकी समग्र क्षमता का इम्तिहान नहीं। कई सफल लोग शुरुआती पढ़ाई में औसत रहे, लेकिन आगे चलकर रुचि और मेहनत से बड़ी कामयाबी हासिल की। दूसरों से तुलना न करें और अपनी ताकत और रुचि को पहचानें। इसमें अभिभावकों की भूमिका बेहद अहम है। वे बच्चों पर दबाव डालने के बजाय उनका आत्मविश्वास बढ़ाएं। उनसे खुलकर बात करें और प्रयासों की सराहना करें। असफलता को सीखने का अवसर मानें और अगले लक्ष्य की ओर सकारात्मक सोच के साथ बढ़ें। सही मार्गदर्शन, धैर्य और निरंतर प्रयास से सफलता जरूर मिलती है।