रायबरेली। जिले में मानकों को ताक पर रखकर संचालित पैथोलॉजी को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद टूट गई है। करीब 100 पैथोलॉजी के संचालकों व उनके डॉक्टरों को नोटिस देकर दस्तावेज चेक करवाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी को 20 सितंबर को तलब किया गया है। पैथोलॉजी से संबंधित अभिलेख न दिखाने पर लैब के लाइसेंस को निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
आगरा जिले में डॉ. मनीष कुमार वाष्र्णेय के नाम से संचालित सात पैथोलॉजी सील की गई हैं। डॉक्टर के नाम से प्रदेश में 65 लैब चल रही हैं। जिले में भी इनकी पैथोलॉजी संचालित हैं। चिकित्सक ने केयर पैथ और राज डायग्नोस्टिक में जो शपथपत्र लगाया है, उसमें अपना पता इंद्रज्योति नगर सहदरा एत्मादपुर आगरा दिया है। लेकिन कुसमा पैथोलॉजी में लगाए गए शपथपत्र में अपना पता 3/517 चंदनिहा हाउस, समद रोड भगवती पैलेस अलीगढ़ दिखाया है। डॉ. अंतिमा मिश्रा के नाम से नौ से अधिक लैब जिले में चल रहे हैं। कई और जिलों में भी सेंटर संचालित होने का शक है। इसके अलावा कई और डॉक्टर चार से सात लैब जिले में ही संचालित कर रहे हैं।
अमर उजाला में कई खबरें प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों की नींद टूटी और हरकत में आए। सभी पैथोलॉजी के संचालकों को उनके डॉक्टरों के साथ 20 सितंबर को बुलाया गया है। लैब से संबंधित सभी अभिलेख उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि एक-एक करके संचालकों व उनके डॉक्टरों के सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। अभिलेख न दिखाने पर लैब के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।