लखनऊर में इन्वेस्टर्स समिट व जी-20 सम्मेलन को लेकर सरकारी अस्पतालों के साथ ही सीएमओ के अधीन सभी डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों का अवकाश 16 फरवरी तक निरस्त कर दिया गया है। इन्हें विशेष परिस्थितियों में अफसरों से अनुमति के बाद ही छुट्टी मिल सकेगी।
सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि इन्वेस्टर्स समिट व जी-20 के मेहमानों की सेहत की जांच व चिकित्सा सुविधा के लिए 200 डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी तय हुई है। इसमें 90 डॉक्टर व 90 पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी तय की गई है। बाकी को रिर्जव रखा गया है। कार्यक्रम स्थल पर दो अस्थायी अस्पताल बनाए गए हैं। इनके साथ एयरपोर्ट पर भी डॉक्टरों की ड्यूटी रहेगी। राजधानी के सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। तीन स्थायी अस्पतालों में जरूरत के हिसाब से मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है।
पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी जांच की सुविधा भी होगी। सामान्य के साथ आईसीयू बेड भी रिजर्व हैं। 17 से अधिक एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस अलग-अलग स्थानों पर खड़ी होंगी। इनमें डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रहेगी। मेहमानों की चिकित्सा व्यवस्था के लिए कई जिलों से डॉक्टर व स्टाफ की टीम बुलाई गई है। पुख्ता स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए सभी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ का अवकाश 16 फरवरी तक निरस्त है। वहीं, बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि डॉक्टरों, सभी स्टाफ का अवकाश 20 फरवरी तक निरस्त किया गया है। इन्वेस्टर्स समिट, जी-20 सम्मेलन के साथ ही अस्पताल में 20 फरवरी से पहले एनक्वास टीम के निरीक्षण को देखते हुए यह आदेश जारी किया गया है।