लखनऊ। देशविरोधी गतिविधियों और मनी लॉडि्रंग में शामिल होने की आशंका में जिस बर्खास्त सैन्यकर्मी पर केस दर्ज किया गया वह अंडरग्राउंड हो गया है। उसका मोबाइल भी बंद है। पुलिस उसके बारे में अब तक कोई ठोस सुराग नहीं जुटा सकी है। पुलिस सुबूतों को जुटाकर उनकी तस्दीक कर रही है।
सेना के रिजर्व सप्लाई डिपो में तैनात रहे कर्मचारी प्रिंस कुमार 19 दिसंबर 2023 को बर्खास्त किया गया था। ले. कर्नल ने छह फरवरी को आलमबाग थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिससे खुलासा हुआ कि आरोपी प्रिंस के एक दर्जन बैंक खातों में नेपाल से सटे इलाकों से बड़ी रकम आई थी। आशंका है कि वह देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि आरोपी के मोबाइल नंबर बंद हैं। पता किया जा रहा है कि वह कहां का रहने वाला है। इसके अलावा पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। सुबूत जुटाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के भी बयान लिए जाएंगे। उधर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराने वाली ले. कर्नल मिथलेश यादव के बयान दर्ज किए। जिसमें मामले की पूरी विस्तृत जानकारी पुलिस को मिली है। उसी के आधार पुलिस ने तफ्तीश शुरू की है। पुलिस ने कई दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं।
पुलिस आरोपी के बैंक खातों का पूरा ब्योरा जुटा रही है। सैकड़ों खातों से प्रिंस के खातों में रकम आई। पुलिस सबसे पहले बड़ी रकम भेजने वालों का ब्योरा तैयार कर रही है। इनमें से अधिक से अधिक लोगों से संपर्क कर पुलिस पूछताछ करेगी। जिससे पता चल सके कि आखिर उन्होंने ये रकम क्यों भेजी? ये भी आशंका है कि आरोपी नौकरी देने के नाम पर ठगी भी करता था। इन सभी पहलुओं पर तफ्तीश जारी है।