इमामबाड़ा सैयद तकी साहब में मजलिस को खिताब करते मौलाना सैफ अब्बास।
लखनऊ। अशरा-ए-मुहर्रम की सातवीं मजलिसों में मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने कहा कि इमाम हुसैन की याद को दुनिया की कोई ताकत मिटा नहीं सकती। अहलेबैत ने दीन की हिफाजत के लिए कुर्बानियां दीं। उन्होंने हजरत कासिम की शहादत का बयान किया, जिससे अकीदतमंद भावुक हो उठे। इमामबाड़ा सैयद तकी साहब में मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने कुरान और अली के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भी हजरत कासिम की शहादत बयान की, जिससे अजादारों की आंखें नम हो गईं। बाद में ताबूते हजरत कासिम की जियारत कराई गई। इस मौके पर सपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मजलिस में पहुंच मौलाना से मुलाकात की। मौलाना ने अलीगंज कोचिंग हादसे के बच्चों को श्रद्धांजलि भी दी। चौक स्थित ऐतिहासिक एक मिनारा मस्जिद में मरकजी जमीयतुल हुफ्फाज की ओर से सातवें जलसे में मौलाना मुश्ताक नदवी ने नमाज को मोमिन की मेराज और इस्लाम की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि नमाज बुराइयों से रोकती है और अच्छे संस्कार पैदा करती है।