डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय
- फोटो : नगर पंचायत हैदरगढ़।
लखनऊ। दिव्यांग हैं तो क्या हुआ हर व्यक्ति का शिक्षित होना जरूरी है। किसी भी व्यक्ति के भीतर शिक्षा की मजबूती तभी आती है जब उसकी पढ़ाई बचपन से हो। हर बच्चा पढ़े ये माता-पिता की जिम्मेदारी है। ये संदेश सोमवार को डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की ओर से पुनर्वास कार्यक्रम के तहत काकोरी स्थित बड़ागांव के अभिभावकों को दिया गया। बौद्धिक अक्षमता विभाग की शिक्षिका विभा तिवारी ने बताया कि बौद्धिक अक्षमता विभाग के डीएड (आईडीडी) चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। रैली भी निकाली। प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर शिक्षकों, चिकित्सकों अन्य कर्मचारियों को दिव्यांगता के प्रति जागरूक किया।