अव्यवस्थाओं के बीच न सुरक्षाकर्मी तैनात है और न ही स्वास्थ्य टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
तुलसीपुर (श्रावस्ती)। दिकौली मेले में सुविधाओं को लेकर प्रशासन की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे लेकिन दूसरी चौथी पर शनिवार को ही दावों की हवा निकल गई। पूरे मेला परिसर की सुरक्षा के लिए मात्र दो होमगार्ड के जवान ही तैनात मिले। यहां रैन बसेरे में बनाया गया खोया पाया केंद्र भी बंद मिला। यहां सिर्फ फटा बैनर ही देखने को मिला। मेला परिसर में सफाई के लिए तैनात सफाई कर्मी नदारद रहे। इतना ही नहीं जायरीनों की सुविधा के लिए न तो यहां एक भी एंबुलेंस दिखी, न ही कोई स्वास्थ्य कर्मी ही दिखाई दिया। जायरीनों को पेयजल समस्या के लिए दो टैंकर भेजने के दावे भी हवाई रहे। यहां जायरीन हैंडपंप के सहारे ही देखे गए।
शनिवार को जायरीन बड़े पुरुष की मजार पर चौथ लेकर पहुंचे जहां लोगों ने स्नान के बाद बड़े पुरुष की मजार पर चादर चढ़ाया। इसके बाद चिलचिलाती धूप में ही जायरीन जियारत के लिए बहराइच के दरगाह शरीफ को रवाना हुए। बहराइच स्थित सय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर एक माह चलने वाले जेठ मेले में आने वाले जायरीन दिकौली के बड़े पुरुष की मजार पर माथा टेकने आते हैं। ऐसी मान्यता है कि बगैर यहां जियारत किए बहराइच दरगाह में जायरीन की हाजिरी पूरी नहीं होती।