निगोहां के उतरावां में श्रीराम कथा सुनाते आचार्य ज्ञानेश त्रिपाठी व मौजूद श्रद्धालु।
लखनऊ। निगोहां के उतरावां गांव में चली रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिन आचार्य ज्ञानेश त्रिपाठी ने त्याग और मर्यादा का अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि लोभ, द्वेष और इच्छाओं का त्याग करने से ही व्यक्ति में मर्यादा आती है। जब तक जीवन में दास भाव नहीं आता तब तक राम रूपी ब्रह्म की प्राप्ति संभव नहीं है। बिना त्याग के किसी को भी कुछ हासिल नहीं होता। वहीं, महिलाओं ने रामधुन गाकर वातावरण को मंगलमय बनाया। मौके पर आयोजक गौसेवक शैलेंद्र सिंह चौहान व भक्तगण मौजूद रहे।
निगोहां के उतरावां में श्रीराम कथा सुनाते आचार्य ज्ञानेश त्रिपाठी व मौजूद श्रद्धालु।