लखनऊ। ऐशबाग सि्थत रामलीला मैदान में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्री रामकथा के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को शिव-पार्वती का विवाह प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक आचार्य मिथिलेश मिश्र ने कहा कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की, तब उनका विवाह शिवजी से हुआ। अगर आप ईश्वर को पाना चाहते हैं तो आपको भी तपस्या करनी पड़ेगी। बिना कर्म के फल की इच्छा नहीं की जा सकती। प्रभु के प्रिय भक्त बनने के लिए उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलना होगा। इसके अलावा सती चरित्र, नारद का आगमन, कामदेव भस्म प्रसंग का वर्णन किया। साथ ही, मनमोहक भजनों की शानदार प्रस्तुतियां पेश की गईं। अखिल भारतीय पत्रकार एसोसिएशन की ओर से यह आयोजन कराया जा रहा है।