लखनऊ। गोमतीनगर स्थित बौद्ध अंतरराष्ट्रीय संस्थान में चिन्मय मिशन की ओर से चल रहे मानस ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन रविवार को स्वामी अद्वैतानंद ने भक्त प्रहलाद की कथा सुनाई। उन्होंने कहा, प्रहलाद को भगवान विष्णु में अटूट आस्था और श्रद्धा थी। वह पिता के व्यवहार से विचलित हुए बिना भगवान की भक्ति में लीन रहे। भगवान ने भी उनकी भक्ति का मान रखा।