लखनऊ। मेजर एके सिंह (सेवानिवृत्त) ने एक पैर के बावजूद नाव से दुनिया की परिक्रमा कर इतिहास रचा। उन्होंने 1985 से 1987 के बीच साढ़े 15 महीने में 50 हजार किलोमीटर की समुद्री यात्रा पूरी की। क्लब ऑफ लखनऊ ने शनिवार को गोमतीनगर के एक होटल में ''ए ट्रैवलॉग: अराउंड द वर्ल्ड सेलिंग इन ए बोट'' कार्यक्रम आयोजित किया, जहां मेजर सिंह ने अपने रोमांचक सफर के अनुभव साझा किए। उन्होंने 1978 में विश्व भ्रमण की योजना बनाई, पर तब पैसे और उपकरणों का अभाव था। हैंग ग्लाइडिंग हादसे में बायां पैर कटने के बावजूद उन्होंने अभियान जारी रखा। इंग्लैंड से करीब साढ़े छह लाख रुपये में पुरानी नाव खरीदी गई। मुंबई से यात्रा शुरू कर उन्होंने भूमध्य सागर और लाल सागर पार किए। तूफानों के बीच भी छह सदस्यीय टीम ने अभियान जारी रखा। कार्यक्रम में क्लब ऑफ लखनऊ के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, पूर्व मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विष्णु सहाय उपस्थित थे।
मेजर एके सिंह
मेजर एके सिंह
मेजर एके सिंह
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