रायबरेली। शादी का झांसा देकर महिला कर्मचारी के साथ यौन शोषण के मामले में बदायूं पुलिस मंगलवार को रायबरेली में तैनात उपायुक्त मनरेगा जीपी कुशवाहा को हिरासत में लेकर चली गई। बदायूं जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी निवासी महिला का आरोप है कि वह पंचायत विभाग बदायूं में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। वहीं वर्ष 2012 में उपायुक्त मनरेगा बदायूं के सहसवान ब्लॉक में बीडीओ थे।
वह किराए के मकान में उसके घर के पास ही रहते थे। इससे उसका उपायुक्त मनरेगा से परिचय हुआ था। उसे सहसवान ब्लॉक में स्थानांतरण होने की जानकारी मिली थी। इस पर वह सहसवान ब्लॉक गई थी, वहीं उपायुक्त मनरेगा से उसकी दोस्ती हो गई। उन्होंने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया। इसके बाद शादी से मुकर गए। विरोध करने पर उपायुक्त मनरेगा के अलावा बदायूं जिले के नामालूम निवासी सुनील पाठक, चेतान उसे जानमाल की धमकी देने लगे।
पीड़िता की तहरीर पर बदायूं के सिविल लाइंस थाने 17 जनवरी 2023 को उपायुक्त के खिलाफ शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और उनके दो साथियों पर जानमाल की धमकी देने का केस दर्ज हुआ। सिविल लाइंस थाने के अपराध निरीक्षक सहसवीर सिंह मंगलवार की शाम यहां पहुंचे और जिले के पुलिस अफसरों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद बदायूं पुलिस उपायुक्त मनरेगा को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई।
नैनीताल और आगरा भी घुमाया
सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई एफआईआर में पीड़िता ने कहा है कि आरोपी उपायुक्त मनरेगा और उनसे मोबाइल फोन पर बात होने लगी थी। इस पर उपायुक्त मनरेगा उन्हें नैनीताल और आगरा घुमाने ले गए थे। यहीं पर उपायुक्त ने शादी का झांसा देकर उनके साथ यौन शोषण किया। बाद में शादी से मुकर गए। पीड़िता का कहना है कि उपायुक्त मनरेगा की पहले से ही शादीशुदा हैं और उनके दो बच्चे भी हैं।
शादी का झांसा देकर महिला कर्मचारी का यौन शोषण करने के मामले में बदायूं पुलिस उपायुक्त मनरेगा जीपी कुशवाहा को पकड़कर अपने साथ ले गई है। वहीं पर इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
- नवीन कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक