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टूटे स्ट्रेचर-व्हीलचेयर देख भड़के डिप्टी सीएम

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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बृहस्पतिवार को रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान यहां टूटे स्ट्रेचर-व्हीलचेयर देख वे काफी नाराज हुए और अफसरों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। वहीं गैरहाजिर मिले दो डॉक्टरों के बारे में भी पूछा। उन्होंने करीब बीस मिनट तक अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया।
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दोपहर करीब डेढ़ बजे डिप्टी सीएम यहां पहुंचे तो उन्हें गेट के पास दांतों की बीमारी से पीड़ित बुजुर्ग मिले। उन्हें इलाज से पहले कोविड जांच कराने की सलाह दी गई थी। सीएमएस डॉ. सुनीता टंडन से पूछा कि क्या दांतों के इलाज से पहले कोविड जांच जरूरी है। सीएमएस ने कहा कि यदि किसी मरीज में कोविड के लक्षण दिखते हैं, तब जांच कराई जाती है।
नहीं मिला टिटनेस का इंजेक्शन
डिप्टी सीएम ने अस्पताल की फार्मेसी का भी निरीक्षण किया। यहां इमरजेंसी ड्रग लिस्ट तलब कर ली। उन्हें यहां टिटनेस के इंजेक्शन नहीं मिले। सीएमएस ने बताया कि टिटनेस का इंजेक्शन आपूर्ति में नहीं है। लोकल परचेज के बजट से टिटनेस का इंजेक्शन खरीदा जा रहा है।
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पट्टी से बंधी थी एक्स-रे देखने की मशीन
डिप्टी सीएम ने हड्डी रोग विभाग की हालत देखकर नाराजगी जाहिर की। यहां एक्स-रे देखने की मशीन पट्टी के सहारे बंधी मिली। गंदगी के अलावा बिजली के तार भी खुले थे। फ र्नीचर भी टूटे हुए थे। कुष्ठ निवारण कक्ष में उन्हें कुल 12 मरीज पंजीकृत होने की जानकारी मिली। इसपर डिप्टी सीएम ने सीएमएस से यहां लगे कर्मचारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देने को कहा। उन्होंने ऑपरेशन थिएटर देखा और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि यहां दो एनेस्थीसिया विशेषज्ञ हैं।
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