रायबरेली। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन रविवार को कोषागार कार्यालय में सुबह से लेकर रात तक काम होता रहा। विभागों में बिल के भुगतान को लेकर माथापच्ची के साथ कर्मचारी और अधिकारी जूझते दिखे। जिले के 11 विभाग वित्तीय वर्ष में सबसे कम बजट खर्च कर सके।
कोषागार कार्यालय में आम दिनों की तरह ही काम हुआ। विभिन्न विभागों से सुबह से ही बजट के बिल भुगतान संबंधी फाइल आने लगीं, जिन्हें कोषाधिकारी डॉ. भावना श्रीवास्तव चेक करती दिखीं। सबसे अधिक भार कोषागार कार्यालय पर रहा। असल में लोकसभा चुनाव की अधिसूचना लगने से विभागों के बजट पर ब्रेक लग गया। खासकर निर्माण विभागों का करोड़ों का बजट रुक गया है, जिसके खर्च होने की उम्मीद नहीं है। शाम सात बजे तक मिली जानकारी के तहत सूची में 11 ऐसे विभाग रहे, जिनका बजट सबसे कम खर्च हुआ है। इनका पैसा वापस होना तय है। रविवार को शासन के निर्देश पर पांच बजे तक कोषागार में बिल जमा होते रहे। कोषाधिकारी डॉ. भावना श्रीवास्तव ने बताया कि रात तक काम चलेगा और उसके बाद असल तस्वीर सामने आ सकेगी।