निजी नर्सिंग होम में डिलीवरी कराए जाने के बाद आशा कार्यकत्री ने प्रसूता और उसकी भाभी की पाजेब ही उतरवा ली।
महिला को सीएचसी माल से जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया था।
इसकी जगह आशा कार्यकत्री उसे निजी नर्सिंग होम में ले गईं। यहां बिल नहीं चुका पाने पर उसकी पाजेब उतरवा ली गईं।
रविवार को प्रसूता नीलम पत्नी श्रीराम निवासी आजाद नगर, रामनगर के ससुर प्रेमपाल ने सीएचसी अधीक्षक डॉ.आनंद त्रिपाठी से शिकायत की।
शिकायत में कहा गया है कि 22 जुलाई को प्रसव दर्द के बाद उनकी बहू को सीएचसी माल ले जाया गया।
यहां से अगले दिन डिलीवरी के लिए लखनऊ जिला महिला अस्पताल ले जाने के लिए कहा गया।
लेकिन आशा कार्यकत्री मंजू ने उसे काकोरी के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां महिला की सामान्य डिलीवरी ही हुई।
प्रेमपाल का कहना है कि नर्सिंग होम में आशा ने छह हजार के बिल के बारे में उन्हें बताया। उधार लेकर तीन हजार रुपए हमने दे दिए।
बाकी के रुपए नहीं देने पर आशा ने प्रसूता और उसकी भाभी अनीता की पाजेब उतरवा ली।
उसका कहना था कि बाकी के रुपए देकर पाजेब ले जाना। शिकायत के बाद अब सीएचसी अधीक्षक ने पूरे मामले की जांच मंगलवार को कराने की बात कही है।