लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हजरतगंज में 2005 में हुए पिता-पुत्र के दोहरे हत्याकांड में विजय शर्मा व धीरज शर्मा को दी गई फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। कोर्ट ने कहा कि मामला विरलतम श्रेणी में नही आता है। हालाकि, दोषसिद्धि बहाल रखी है।
न्यायमूर्ति ए आर मसूदी और न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव- प्रथम की खंडपीठ ने यह आदेश फांसी की सजा पाए दोनों की दाखिल अपीलों को आंशिक रूप से मंजूर करके दिया। अभियोजन के अनुसार मामला हजरतगंज में 16 अप्रैल 2005 को हुए पिता-पुत्र के दोहरे हत्याकांड का था। गांधी आश्रम के पास कृष्ण कुमार गुप्ता अपने बेटे कपिल के साथ ऑफिस में मौजूद थे। तभी दोनों अभियुक्तों से लेनदेन को लेकर कहासुनी हुई और दोनाली बंदूक से पिता-पुत्र को गोली मारकर हत्या कर दी थी।