- रहीमाबाद इलाके की वारदात, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
- शरीर पर चोट के निशान मिले, पीट-पीटकर हत्या करने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
मलिहाबाद/माल। रहीमाबाद के गहदो गांव के मजरा रामपुरवा में शादी समारोह में पहुंचे मेडिकल स्टोर संचालक मंजीत राज (26) (बी-फार्मा छात्र) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गांव में स्थित एक हाते में बुधवार सुबह उसका शव पड़ा मिला। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने माल में शव रखकर जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अफसरों ने समझाबुझाकर शांत कराया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मृतक के दोस्तों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। प्रदर्शन के चलते माल-मलिहाबाद मार्ग पर तीन घंटे तक जाम लगा रहा।
रामपुरवा निवासी लाला यादव की बेटी रुचि यादव की मंगलवार को शादी थी। बारात माल इलाके के नारायणपुर गांव से गई थी। इसमें माल के मसीहा हमीज गांव निवासी मंजीत राज भी शामिल था। रात में वह घर नहीं लौटा। परिजन तलाश करते रहे। इधर ग्रामीणों ने बुधवार सुबह रामपुरवा में एक हाते में मंजीत का शव पड़ा देखा। पुलिस की सूचना पर मंजीत के परिजन पहुंचे और शिनाख्त की। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा परिजनों को शव सौंपा।
शाम करीब साढ़े चार बजे जब परिजन गांव पहुंचे तो सैकड़ों ग्रामीणों ने माल-मलिहाबाद रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी पर एडीसीपी पश्चिम समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। समझाने का प्रयास किया तो ग्रामीण नहीं मानें। हत्या का केस दर्ज करने की मांग करने लगे। शाम करीब सात बजे पुलिस ने तहरीर लेकर मृतक के चार दोस्तों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया। तब जाकर प्रदर्शन खत्म हुआ।
आरोप पीट-पीटकर मार दिया
मृतक के भाई ने बताया कि मंजीत के साथ उसके दोस्त सरवन विश्वकर्मा, महेश शर्मा, शशि व गुड्डू फकीर कार से साथ में गए थे। किसी बात पर मंजीत का झगड़ा हुआ। इसके बाद सभी ने मिलकर उसे पीटकर मार डाला और शव हाते में फेंक दिया।
रात 9:47 बजे भाई से हुई थी आखिरी बार बात
परिजनों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात को मंजीत ने 9:47 बजे अपने भाई को कॉल की थी। कहा था कि साढ़े दस बजे तक आ जाएगा। जब समय अधिक हुआ तो तलाश शुरू की थी। समारोह के वीडियो फुटेज पुलिस ने जब देखे तो रात करीब दस बजे तक मंजीत वहां दिखाई दिया है। स्पष्ट है कि इसके बाद ही उसकी मौत हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि नहीं
परिजनों ने शव देखकर जाहिरा चोट होने की बात कही थी। गले पर काटने व पीठ पर पिटाई के निशान होना बताया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मारपीट से मौत की पुष्टि नहीं हुई। मौत होने की वजह स्पष्ट ही नहीं हुई। इसलिए बिसरा सुरक्षित किया है। पुलिस का कहना है कि पीठ पर जो निशान हैं वह शव देर तक पड़े रहने की वजह से हैं।