नगराम। चिनहट इलाके से मंगलवार को लापता हुए युवक धर्मचंद्र तिवारी (32) का शव शनिवार सुबह नगराम में इंदिरा नहर में उतराता मिला।
मृतक के भाई दिनेश चंद्र तिवारी ने धर्मचंद्र की पत्नी पर हत्या कर शव को नहर में फेंकने का आरोप लगाया है। मृतक की गुमशुदगी चिनहट थाने में शुक्रवार को दर्ज कराई गई थी।
सीतापुर के महमूदाबाद निवासी दिनेश चंद्र तिवारी के मुताबिक, छोटा भाई धर्मचंद्र लेखराज मार्केट स्थित एक दुकान में काम करता था। परिवार में पत्नी पूनम और दो बेटियां हैं।
वह संजयगांधी पुरम में किराए के मकान में रह रहा था। दिनेश के अनुसार, 2015 में शादी के बाद से ही पूनम और धर्मचंद्र में बनती नहीं थी। मंगलवार सुबह भी झगड़ा हुआ।
इसके बाद धर्मचंद्र दुकान के लिए निकल गया, जबकि पूनम बच्चों को लेकर कहीं चली गई। धर्मचंद काम से लौटा तो घर पर ताला बंद मिला। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला।
परिजनों ने उसे कॉल की तो किसी अजनबी ने फोन उठाया। बताया कि फोन अयोध्या रोड स्थित इंदिरा नहर पुल के पास पड़ा था। फिर फोन स्विच ऑफ हो गया।
परिजन इंदिरा नहर पहुंचे तो वहां कुछ पता नहीं चल सका। शुक्रवार को चिनहट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। शनिवार दोपहर नगराम के पटवाखेड़ा स्थित इंदिरा नहर में धर्मचंद्र का शव उतराता मिला।
सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और शिनाख्त की। धर्मचंद्र के तीन भाई रामसजीवन, कमलेश और दिनेश तिवारी हैं। दिनेश ने धर्मचंद्र की पत्नी पूनम पर हत्या का आरोप लगाया है।