लखनऊ। छह साल के बेटे की हत्या कर खुदकुशी करने वाले विनोद कुमार ने आठ साल की बेटी मानवी की गर्दन इस कदर तार से कसी थी कि उसकी आंखों में खून जम गया है। मानवी पीड़ा में हैं। उसको देखने में दिक्कत आ रही है।
बुधवार को परिजन उसको लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद बृहस्पतिवार को दोबारा बुलाया है। तब स्पष्ट होगा कि आखिर उसकी आंखों को कितना नुकसान हुआ है। उधर, मानवी वारदात से इतना अधिक सहमी है कि दहशत भरे पल वह भुला नहीं पा रही है।
गोसाईंगंज के अमेठी कस्बे के मुंशीगंज इलाके में रहने वाले विनोद कुमार ने सोमवार सुबह छह साल के बेटे श्याम सुंदर का गला तार से कस दिया था। बेटी मानवी की भी गला कसकर हत्या करने का प्रयास किया था, लेकिन वह बच निकली थी।
आखिर में विनोद ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। वारदात के बाद से मानवी बहुत डरी हुई थी। वह अपने ननिहाल चली गई थी। उसकी आंखों में खून जम गया है। देखने में उसको परेशानी होने लगी है।
लिहाजा परिजनों ने उसको सिविल अस्पताल में दिखाया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि मानवी का गला बहुत ताकत से कसा गया था। इस वजह से आंखों पर असर पड़ा है। चंद सेकंड और अगर गला कस जाता तो बचना मुश्किल हो जाता।
अकेले रहने तक से डर रही है मासूम
मानवी घटना के बाद अपने ननिहाल बाराबंकी के भिठौली कला, सतरिख में है। उसके मामा नीरज यादव ने बताया कि मानवी अकेले रहने से भी डर रही है। वारदात के बाद शुरूआती दो रातों में कई-कई बार अचानक सोते वक्त चौंकते हुए उठी। चीख-चीख कर रोने लगी। शांत कराकर बातचीत की गई तो कहने लगी कि सपने में पापा दिखे थे जो भाई को मार रहे थे।