लखनऊ से गिरफ्तार किए गए अलकायदा के दोनों संदिग्ध आतंकी मसीरुद्दीन और मिनहाज ने सरकारी प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में धमाके की साजिश रची थी। सोमवार को एटीएस की विशेष अदालत में दोनों की पेशी के दौरान विवेचक ने अदालत के सामने ये तथ्य रखे।
विवेचक ने अदालत को बताया कि आतंकी संगठन अलकायदा के उमर हेलमंडी ने अलकायदा इंडियन सबआर्डिनेट नाम के संगठन अंसार गजवारुल हिंद में सदस्यों की भर्ती की। उमर भर्ती किए गए लोगों को बरगलाकर देश में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार कर रहा था। विवेचक ने कहा कि यह लोग देश की अखंडता, एकता और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने के लिए गिरोह बनाए थे और प्रदेश के सरकारी प्रतिष्ठानों, भवनों, संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बम विस्फोट करने के लिए भारी मात्रा में विस्फोटक एकत्र करके कुकर बम तैयार करने के साथ ही हथियार भी इकट्ठा किया है और अपने गिरोह में अन्य सदस्यों की भर्ती की है। ऐसे में इनकी कम से कम 14 दिन की रिमांड जरूरी है। इस पर अदालत ने दोनों आतंकियों को 14 दिन के रिमांड पर दे दिया है।
बरामदगी में सिर्फ प्रेशर कुकर बम और पिस्टल का ही जिक्र
एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि दोनों ही आरोपियों की रिमांड 14 दिन की मिल गई है। इन दोनों से पूछताछ कर राज उगलवाए जाएंगे। दोनों के पास से दो प्रेशर कुकर बम और एक पिस्टल के अलावा कुछ नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि यह लोग सीधे अलकायदा के समर्थित आतंकी संगठन अंसार गजवारुल हिंद नाम के संगठन के किन-किन लोगों से जुड़े थे, इसके बारे में भी पड़ताल की जाएगी।
भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी तेज
लखनऊ में आतंकियों के पकड़े जाने के बाद भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट जारी किया गया है। भारत-नेपाल के लखीमपुर खीरी बॉर्डर व सोनौली बॉर्डर सहित ठूठीबारी सीमा पर निगरानी तेज की दी गई है। मुख्य बॉर्डर से लेकर नदी घाटों और पगडंडियों पर जवानों की संख्या बढ़ाते हुए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। सरहद पर नेपाल से आने वाले प्रत्येक लोगों की तलाशी लेने के साथ आईडी की जांच की जा रही है। एसएसबी के अलावा सुरक्षा एजेंसियां चौकस हैं।