लखनऊ के पॉश इलाके गोमतीनगर में 23 दिन के भीतर नकाबपोश बदमाशों ने डकैती की एक और वारदात को अंजाम दे डाला। असलहों से लैस आठ नकाबपोशों ने सोमवार आधी रात विरामखंड-5 निवासी निजी केमिकल कंपनी में कंसल्टेंट एसएमए रिज़वी के घर पर धावा बोल दिया।
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बदमाश ड्राइंगरूम की खिड़की की ग्रिल के पेंच खोलकर भीतर घुसे और कंसल्टेंट की 87 वर्षीय सास एनायतुल ज़हरा व 57 वर्षीय पत्नी ज़ेबा रिज़वी को बंधक बनाकर लूटपाट की। गौरतलब है कि एसएमए रिजवी सपा नेता और सीतापुर के पूर्व सांसद मुख्तार अनीस के छोटे भाई हैं।
बदमाशों ने फर्स्ट फ्लोर पर सो रहे कंसल्टेंट का कमरा खुलवाने की भी कोशिश की लेकिन उन्होंने शोर मचाते हुए पुलिस को सूचना दे दी। डकैती की खबर ने पुलिस अधिकारियों के होश उड़ा दिए।
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एडीजी जोन अभय कुमार प्रसाद, आईजी रेंज जय नारायन सिंह, एसएसपी दीपक कुमार, एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स व सीओ गोमतीनगर समेत पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉयड बुलवाया गया।
रात करीब तीन बजे बाउंड्रीवॉल फांदकर घुसे बदमाश
घटना की जानकारी लेती पुलिस
डकैत करीब ढाई लाख रुपये के जेवर-नकदी ले गए हैं। इससे पूर्व डकैतों ने आठ मई को विवेकखंड-एक में रियल एस्टेट कारोबारी चमनलाल दिवाकर व उनके चार बच्चों को बंधक बनाकर 20 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर व कैश लूट लिया था जिसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है।
एडीजी जोन अभय कुमार प्रसाद ने बताया कि वारदात रात करीब तीन बजे हुई। एसएमए रिज़वी अमेठी में एक निजी केमिकल कंपनी से रिटायर हैं और वर्तमान में वहीं कंसल्टेंट की नौकरी कर रहे हैं। उनका एकलौता बेटा अब्बास अमेरिका में इंजीनियर है और अपने परिवार के साथ वहीं रहता है।
वह यहां पत्नी के साथ अकेले रहते हैं। शनिवार को ही साउथ सिटी में रहने वाली उनकी सास भी घर आई थीं। सोमवार रात पत्नी व सास ग्राउंड फ्लोर पर कमरे में सो रही थीं जबकि रिज़वी फर्स्ट फ्लोर पर अपने कमरे में लेटे थे।
रात करीब तीन बजे मकान की बाउंड्रीवाल फांदकर भीतर घुसे बदमाशों ने ड्राइंगरूम की खिड़की की ग्रिल के पेंच खोल दिए। सात बदमाश बेडरूम में पहुंचे जबकि एक बाहर बैठकर निगरानी करता रहा। आहट सुनकर एनायतुल ज़हरा और उनकी बेटी ज़ेबा रिज़वी की नींद खुली तो अंधेरे में बदमाशों को देखकर होश उड़ गए।
चादर फाड़कर बांधे महिलाओं के हाथ व मुंह
डकैती के बाद बिखरा सामान
बदमाशों ने तमंचा तानकर गोली मारने की धमकी दी और खामोश रहने को कहा। दोनों थर-थर कांपने लगीं। इस बीच बदमाशों ने चादर फाड़कर दोनों के हाथ पीछे की तरफ बांध दिए।
एनायतुल ज़हरा का मुंह भी बांध दिया और ज़ेबा से जेवर और कैश के बारे में पूछताछ करने लगे। ज़ेबा से जानकारी मिलने के बाद बदमाशों ने आलमारी खंगालकर भीतर रखा सोने का एक हार, सवा किलो चांदी का गले का हार, 40,000 रुपये कैश व अन्य कीमती सामान निकाल लिया।
ज़ेबा के कान से हीरे के टॉप्स, सोने की दो अंगूठी व चेन और उनकी मां के दो सोने के कड़े, दो अंगूठी उतरवा लिए। इसके बाद बदमाश ऊपर सो रहे एसएमए रिज़वी के कमरे में पहुंचे और दरवाजा खटखटाया।
बकौल रिज़वी, दरवाजे को कोई बुरी तरह से धक्का दे रहा था जिस पर उन्हें शक हो गया। दरवाजा खोलने के बजाए उन्होंने खिड़की खोलकर चोर-चोर का शोर मचाना शुरू कर दिया। उन्होंने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को भी सूचना दी।
शोर मचने पर बदमाश उनके कमरे की कुंडी बाहर से बंदकर भाग निकले। इस बीच किसी तरह से हाथ के बंधन खोलकर ज़ेबा ऊपर पहुंचीं और कुंडी खोलकर उन्हें बाहर निकाला। रात को ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। रिज़वी ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती की एफआईआर दर्ज करा दी है।
एसएमए रिज़वी के मकान में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस ने कैमरों की फुटेज निकलवाई जिसमें डकैतों की फोटो मिल गई। पुलिस के मुताबिक, एक डकैत का चेहरा खुला हुआ है।
डकैत शर्ट व टी-शर्ट पहने हुए थे। उनकी उम्र 35 से 40 साल के बीच लग रही है। रिज़वी ने बताया कि डकैत स्थानीय भाषा में बातचीत कर रहे थे। उनके लखनऊ व आसपास के जनपदों का होने की आशंका जताते हुए छानबीन की जा रही है।
रेकी के बाद वारदात, ग्वारी चौराहे तक गया डॉग स्क्वॉयड
रिज़वी के घर पर डकैती की वारदात रेकी के बाद हुई थी। पुलिस का मानना है कि वारदात में किसी प्रोफेशनल गिरोह का हाथ है। चूंकि, बदमाशों ने हिंसा व खून-खराबा नहीं किया इसलिए पुलिस अधिकारी बावरिया या उसके जैसे किसी अन्य गैंग का हाथ होने की आशंका से इन्कार कर रहे हैं।
एसएसपी ने बताया कि बदमाश घटनास्थल पर एक प्लास छोड़ गए थे। कमरे व प्लास से बदमाशों की गंध लेकर डॉग स्क्वॉयड घर से निकला और पास ही रेल ट्रैक से होता हुआ ग्वारी चौराहे तक पहुंचकर रुक गया। एसएसपी का मानना है कि बदमाश यहां अपना वाहन खड़ा करके पैदल ही ट्रैक से होते हुए रिज़वी के घर पहुंचे।
लूटपाट के बाद इसी रास्ते से लौटकर बदमाश अपनी गाड़ी में गए और भाग निकले। ग्वारी चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी निकलवाई गई है जिससे बदमाशों के भागने की दिशा का पता लगाया जा सके।