अगर आप अपने चार पहिया वाहन की ऑनलाइन पॉलिसी कराने जा रहे हैं तो यह खबर आपको ठगी से बचा सकती है।
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी के एजेंट व साइबर ठगों ने ग्राहकों से मोटी रकम वसूल कर उनके चार पहिया वाहनों की जानकारी ऑनलाइन भरी।
इसके बाद सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर वाहनों की श्रेणी में खेल करते हुए इसे दोपहिया कर दिया। इस तरह के करीब 434 मामले अभी तक सामने आए हैं।
हालांकि पुलिस का कहना है कि पॉलिसी कराने के लिए संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर वाहन का नंबर भरना पड़ता है।
इसके बाद सॉफ्टवेयर वाहन से संबंधित सारी जानकारी खुद-ब-खुद इकट्ठा कर लेता है। साइबर एक्सपर्ट से बात की जा रही है कि आखिर ठगों ने कैसे सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर चार पहिया वाहन के विकल्प की जगह दोपहिया किया।
प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना मो. मुस्लिम खां के मुताबिक, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस के मुख्य प्रबंधक फ्रॉड कंट्रोल यूनिट आशीष वर्मा ने तहरीर दी थी। इसके आधार पर केस दर्ज किया गया है।
आरोप लगाया कि अज्ञात गिरोह ऑनलाइन पॉलिसी बाजार के जरिये कंपनी की इंश्योरेंश पॉलिसी के नाम पर हेराफेरी कर रहा है।
इसकी जांच कराई तो सामने आया कि सितंबर 2020 से जुलाई 2021 के बीच कई पॉलिसियां जारी की गईं। इन्हें ऑनलाइन पॉलिसी बाजार पोर्टल के जरिये बुक कराया गया था।
इसके बाद इसी पोर्टल के जरिये ग्राहक बनकर जालसाजों ने कंपनी से शिकायत की। डाटा बेस की जांच में सामने आया कि तीन व चार पहिया वाहन के 434 पॉलिसी कराई गईं, लेकिन इनके विवरण में दोपहिया वाहन दर्ज किया गया।
इससे कंपनी को करीब 53.57 लाख रुपये का नुकसान हुआ। यह खेल करने के लिए जालसाजों ने लिन मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी का इस्तेमाल किया।