रायबरेली। जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन को ठीक करने में साइरेक्स एजेंसी रुचि नहीं ले रही है। इससे पिछले दो माह से मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। कभी बैटरी खराब तो कभी मशीन का साफ्टवेयर खराब हो जा रहा है। मरीजों को यह जांच बाहर से करानी पड़ रही हैं। एजेंसी को इसके लिए कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन खानापूरी की जा रही है।
जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन के मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी शासन स्तर से साइरेक्स एजेंसी को दी गई है। जिला अस्पताल प्रशासन अपने स्तर से मशीन में काम नहीं करा सकता है। मशीन के खराब होने के बाद एजेंसी को सूचना देनी पड़ती है। करीब दो माह से सीटी स्कैन मशीन मरीजों को जांच की नियमित सुविधा नहीं दे पा रही है, लेकिन एजेंसी वाले मशीन को ठीक करने में लापरवाही बरत रहे हैं। गत बुधवार को एजेंसी के कर्मचारी आए और खानापूरी करके लौट गए, लेकिन मशीन से जांच शुरू नहीं हो सकी।
साफ्टवेयर को ठीक कर दिया गया है, लेकिन बैटरी न लगने के कारण जांच प्रभावित है। मरीजों को डेढ़ से तीन हजार रुपये तक बाजार में खर्च करके सीटी स्कैन जांच करवानी पड़ रही है। एजेंसी के खिलाफ सीएमएस ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है।
सीटी स्कैन मशीन को ठीक कराने के लिए साइरेक्स एजेंसी का कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन दो माह से सीटी स्कैन जांच नियमित नहीं हो पा रही है। खासकर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की जांच नहीं हो रही है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
- डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल