पति-पत्नी के झगड़े में टोका टाकी करने पर बेटी मुस्कान की हत्या करने वाले सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडीजे राजेंद्र सिंह ने सुधीर पर 75 हजार रुपये जुर्माना भी ठोंका है।
कोर्ट ने यह रकम मृतका की मां को देने का आदेश दिया है।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सरकारी वकील अभय कुमार त्रिपाठी ने बहस के दौरान तुलसीदास की चौपाई ‘सुनो भरत भावी प्रबल, बिलख कहेउ मुनिनाथ। हानि, लाभ जीवन-मरण, यश-अपयश विधि हाथ।।’का उदाहरण दिया, जो कि इस मामले में सटीक बैठता है।
कोर्ट ने कहा कि बेटी की मौत के दो साल बाद उसकी मां व उसके भाई के भविष्य को देखते हुए गवाहों ने सुधीर कुमार को बचाने का प्रयास करते हुए गवाही दी। इनकी गवाही से लगता है कि सुधीर के जेल में रहने से उसकी सेवाएं समाप्त हो सकती हैं, जिससे मृतका की मां व भाई का जीवनयापन मुश्किल होगा।