आरोप है कि आरोपी उसे इटौंजा रोड की तरफ ले जाने लगे। गोमती पुल के पास दुष्कर्म की कोशिश की और गला दबाने लगे। किसी तरह उसने जान बचाई और शोर मचाया। इस पर आरोपियों ने डंपर नीलांश वाटर पार्क की तरफ मोड़ दिया। इसके बाद डंपर रोककर उसे उतारा और तमंचा लगाकर बाइक सवार साथियों संग लेकर चल दिए।
आरोप है कि गोल्डन के साथियों को पता चला कि छात्रा को लाते समय पुल पर कुछ लोगों ने देख लिया था। इस पर बंद गाड़ी मंगाने की बात हुई। इब्राहिम ने अपने एक अन्य साथी का ट्रक मंगाया और उसे लादकर फिर गुमसेना पुल की तरफ चल पड़े। रास्ते में धमकाया कि अगर किसी को कुछ बताया तो जान से मार देंगे। इसके बाद ट्रक खड़ाकर आरोपी शराब पीने लगे। मौका देखकर छात्रा भाग निकली और परिवारीजनों को आपबीती सुनाई।
पीड़िता के पिता का आरोप है कि उसने मंगलवार को थाने पर शिकायत की, लेकिन दो दिन तक पुलिस टरकाती रही। बुधवार शाम उसने कुछ अधिकारियों से शिकायत की। साथ ही वारदात की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
देर शाम अधिकारियों के फटकार के बाद प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र सिंह ने कार्रवाई शुरू की। बुधवार देर रात करीब 9.30 बजे माल थाने में अगवा करने व सामूहिक दुष्कर्म की कोशिश की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।