मोबाइल के लकी नंबर पर 28.70 लाख के इनाम के झांसे में आकर चिनहट क्षेत्र की एक आशा बहू ने 2.32 लाख रुपये गंवा दिए।
जालसाज ने पाकिस्तान के नंबर से कॉल करके उससे किश्तों में एसबीआई के छह खातों में रकम जमा कराई। अभी 1.40 लाख और जमा करने के लिए दबाव बनाने में जुटा है।
इसके लिए जालसाज ने जो छह खातों के नंबर नोट कराए उनमें दो पंजाब नेशनल बैंक के हैं। शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
चिनहट के तिवारीगंज निवासी शिक्षक विनोद श्रीवास्तव की पत्नी माधवी श्रीवास्तव बाराबंकी में आशा बहू हैं।
माधवी ने एसपी क्राइम रवींद्र कुमार सिंह को बताया कि 27 अगस्त की सुबह 7 बजे उनके मोबाइल पर चार डिजिट के नंबर से कॉल आई।
कॉल करने वाली ने खुद को वोडाफोन की अधिकारी पूजा बताते हुए जानकारी दी कि उनके लकी नंबर को इनाम के लिए चुना गया है। सिर्फ तीन सौ का रिचार्ज कराने पर पूरे साल बात करने की सुविधा मिलेगी।
रिचार्ज कराते ही फिर घंटी बजी इस बार फोन करने वाले ने खुद को वोडाफोन का आकाश वर्मा बताया। उसने फोन से संबंधित अनेक जानकारी देते हुए बधाई दी कि लकी नंबर पर 28.70 लाख का इनाम निकला है।
इसके लिए पांच हजार रुपये जमा करने के निर्देश देते हुए उसने एसबीआई के एक खाते का नंबर दिया। इसके बाद कॉल आने का सिलसिला शुरू हो गया।
विभिन्न बहानों से उसने एसबीआई के पांच अन्य खातों में रकम जमा कराई। छह खातों में कुल 2.32 लाख रुपये जमा करने के बाद भी इनाम की रकम खाते में नहीं आई।
आकाश वर्मा ने 1.40 लाख और जमा करने के लिए दबाव बनाना शुरू किया। इस बार उसने एसबीआई के चार और पंजाब नेशनल बैंक के दो खातों के नंबर नोट कराए। ठगी का अहसास होने पर माधवी के पैरों तले की जमीन खिसक गई।
उसने अपने बेटे रोहित से आकाश वर्मा की बात कराई। माजरा समझने के साथ रोहित अपनी मां को लेकर चिनहट कोतवाली गया। वहां से क्राइम ब्रांच पहुंचकर शिकायत की। एसपी क्राइम ने जांच शुरू कराई है।
खातों की पड़ताल में जुटी टीम
एसपी क्राइम रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि जालसाज ने माधवी से जिन छह खातों में रुपये जमा कराए और 1.40 लाख जमा करने के लिए जिन छह खातों के नंबर नोट कराए वे एसबीआई और पीएनबी के हैं।
दोनों बैंकों से खातों का ब्योरा मांगा जा रहा है। इसके अलावा जालसाजी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों की भी छानबीन की जा रही है।
पाकिस्तान के नंबर से आ रही कॉल
आशा बहू माधवी की तरह अन्य लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए जालसाज ने विभिन्न नंबरों पर सुबह 6 से 7 बजे के बीच कॉल की।
दो व्यक्तियों ने बताया कि सुबह जागने पर मिस कॉल देखी। कॉल बैक करने पर पता चला कि इंटरनेशनल नंबर है। इस पर फोन काट दिया।