पुलिस में नौकरी के साथ सेक्स रैकेट चलाने वाली एक महिला कांस्टेबल को एसएसपी ने बुधवार को बर्खास्त कर दिया है।
कानपुर पुलिस ने ढाई साल पहले उसे अपने घर पर सेक्स रैकेट चलाते गिरफ्तार किया था।
अनैतिक देह व्यापार अधिनियम व गैंगेस्टर एक्ट के तहत बंदी बनाई गई महिला कांस्टेबल के सहयोगी दो सिपाहियों को भी परिनिंदा से दंडित किया गया है।
एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि कानपुर स्थित अपने घर पर सेक्स रैकेट चलाने की आरोपी कांस्टेबल ऊषा तोमर को लंबी जांच के बाद आज नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
उसके सहयोगी रहे कानपुर में तैनात कांस्टेबल नरेंद्र सिंह व वाराणसी में तैनात कांस्टेबल दीपचंद को परिनिंदा से दंडित करते हुए दोनों की चरित्र पंजिका में दंड की प्रविष्टि के लिए संबंधित एसएसपी को पत्र भेजा गया है।
कानपुर के फजलगंज पुलिस ने 11 अप्रैल 2011 को ऊषा तोमर व उसके कथित पति रामप्रकाश सिंह तोमर को गिरफ्तार किया था।
दोनों के साथ तीन कॉलगर्ल व ग्राहक पकड़े गए थे। खास बात यह है कि गिरफ्तारी से दो दिन पहले ही ऊषा तोमर का तबादला कानपुर देहात से लखनऊ के लिए हुआ था।
कथित पति, तीनों कॉलगर्ल व ग्राहकों के साथ अनैतिक देह व्यापार अधिनियम व आईपीसी की धारा 292 के तहत गिरफ्तार महिला कांस्टेबल ऊषा तोमर को जेल भेजने के बाद पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की।
लंबे समय जेल में रहने के ड्यूटी से गैर हाजिर रही ऊषा तोमर जमानत पर छूटी तो उसने गैरहाजिरी के अन्य बहाने करके आमद दर्ज कराने के प्रयास किए।
तत्कालीन एसएसपी द्वारा उसे निलंबित करके गैरहाजिरी की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कराई। खुलासा हुआ कि ऊषा तोमर को सेक्स रैकेट संचालन में गिरफ्तार किया गया था और उस पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
एसएसपी ने उसे अपनी सफाई पेश करने का मौका देते हुए नोटिस भेजे। जांच में सच्चाई उजागर होने पर उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।