सिपाही की बेरहमी से हत्या की आरोपी पत्नी को जेल व दोनों नाबालिग बेटों को बाल संरक्षण गृह भेजा गया है।
पूछताछ में तीनों ने सिपाही के जुल्मों की दास्तान सुनाई और अपने कृत्य को जायज बताकर माफी मांगते रहे।
मोहल्ला सरीपुरा के अशोक विहार निवासी कांस्टेबल महेशचंद्र वर्मा (45) के हत्या की आरोपी विमलेश व उसके दोनों नाबालिग बेटों को शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।
कोर्ट ने विमलेश को न्यायिक हिरासत में लेने के साथ महिला जेल भेजा। जबकि, दोनों बेटों को बाल संरक्षण गृह भेजने के साथ सुनवाई का जिम्मा किशोर न्याय बोर्ड को सौंपा है।
एसओ ने कहा कि विमलेश व उसके दोनों बेटों ने पूछताछ के दौरान महेश के जुल्मों की दास्तान सुनाई। बताया कि शराब की लत व एक महिला से संबंधों के चलते वह सारी कमाई बाहर उड़ा देता था।
बच्चों के स्कूल व ट्यूशन फीस मांगने पर पीटता था। बांदा से तबादले के बाद तो वह रोज ही कहर बरपाने लगा। बर्दाश्त की हद पार हो चुकी थी। वह बृहस्पतिवार रात नशे में लौटा और विमलेश से झगड़ने लगा।
बीच-बचाव पर विमलेश व छोटे बेटे की पिटाई शुरू कर दी। इस बीच बड़ा बेटा कोचिंग से लौटा। झगड़े के दौरान महेश बाथरूम में गया तो वहां बेटों ने उसके सिर पर डंडे से जोरदार वार किया।
खून से लथपथ होकर गिरने पर उसे कमरे में घसीट लाए। वहां गले पर बिजली का नंगा तार कसकर करंट लगाया। बाद में सन्नाटा देखकर शव घर के बाहर फेंका था। तीनों ने कहा कि उन्हें अपने कृत्य पर पछतावा नहीं है।