शिक्षा का मंदिर मंगलवार दोपहर अखाड़ा बन गया। दो छात्रों में झगड़े के बाद लाठी-डंडे लेकर आए उनके घरवालों ने जमकर उपद्रव किया।
विरोध करने पर प्रिंसिपल और टीचरों को दौड़ाकर पीटा। डंडे की चोट से आया का दायां हाथ फ्रैक्चर हो गया। प्रिंसिपल ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों परिवार के लोग भाग गए। प्रिंसिपल ने हसनगंज पुलिस को तहरीर दी है।
डालीगंज रेलवे स्टेशन के पास लाहौरगंज माध्यमिक विद्यालय में दोपहर करीब एक बजे इंटरवल हुआ था।
बच्चे लंच बॉक्स लेकर क्लास रूम से बाहर निकले। इसी दौरान किसी बात को लेकर कक्षा सात के छात्र रोहित और करन रावत के बीच झगड़ा होने लगा।
दोनों में गाली-गलौज और मारपीट होते देख स्कूल में ही पढ़ने वाली रोहित की बहन श्वेता भागकर घर पहुंची और घरवालों को बताया।
कुछ ही देर में रोहित के पिता रामू और रिश्तेदार सुमेर सहित करीब दस-बारह महिलाएं लाठी-डंडे लेकर स्कूल आ गईं।
जबरन स्कूल का गेट खुलवा कर सब भीतर घुसे और करन की पिटाई शुरू कर दी। दूसरी तरफ करन के परिवार के लोग भी स्कूल आ गए।
देखते ही देखते दोनों पक्ष में लाठी-डंडे चलने लगे। मारपीट से बच्चों में भगदड़ मच गई। शोर मचने लगा तो प्रिंसिपल उर्मिला अवस्थी व टीचर पहुंच गए।
विरोध करने पर दोनों पक्ष के लोगों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। बीच-बचाव में आया अनीता के दाएं हाथ में डंडा लगा और फ्रैक्चर हो गया है।
स्कूल के बच्चे दहशत से भाग गए। प्रिंसिपल ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी तब हसनगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची।
इंस्पेक्टर वीर सिंह ने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही सब जा चुके थे। मामले की जांच की जा रही है।