बलप्रयोग में छूटी पुलिसकर्मियों की जैकेट व टोपी दिखाती महिलाएं व घायल सीओ के के मिश्र।
- फोटो : amar ujala
दरअसल, राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के पदुमपुर बाजार निवासी किराना व्यापारी राकेश जायसवाल (30) पुत्र आत्मा की घर के निचले हिस्से में दुकान है। सोमवार रात राकेश एक निमंत्रण में गए थे। देर रात वहां से लौटकर बाइक खड़ी करके राकेश दुकान से होते हुए घर के भीतर जा रहे थे। तभी बाइक सवार तीन युवक वहां पहुंचे। इनमें से दो युवक राकेश के नजदीक पहुंचे और एक ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
राकेश को तीन गोलियां मारने के बाद तीनों हमलावर बाइक पर बैठकर जहांगीरगंज की ओर भाग गए। घटना से चीखपुकार मच गई। राकेश को परिवार के लोग निजी वाहन से पड़ोसी जनपद आजमगढ़ की रानीपुर सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। परिवारीजन देर रात शव लेकर पदुमपुर पहुंचे। इस बीच राकेश की हत्या की जानकारी पाकर उनके घर सैकड़ों लोग जुटने लगे। किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए कई थाने की फोर्स पुलिस प्रशासन ने लगा दी। एसडीएम आलापुर व सीओ जलालपुर समेत कई अन्य अधिकारी मौके पर डट गए।
लोगों में आक्रोश बढ़ता देख पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। मगर सुबह होते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने पदुमपुर चौराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। राजेसुल्तानपुर समेत कई थानों की फोर्स ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में एसपी संतोष कुमार मिश्र के साथ सीओ आलापुर केके मिश्र व कई अन्य थानों की फोर्स मौके पर पहुंची।
कत्ल के बाद मचा हंगामा।
- फोटो : amar ujala
पुलिसकर्मी जाम लगा रहे लोगों को हटा रहे थे। जहांगीरगंज थानाध्यक्ष संतोष सिंह बिसेन पर आरोप है कि उन्होंने लाठी भांजनी शुरू कर दी। इससे भगदड़ में कुछ लोग गिर पड़े तो पुलिसकर्मी उन पर टूट पड़े। भीड़ को खदेड़ रहे पुलिसकर्मी पीड़ित परिवार के बरामदे में घुस गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पीड़ित परिवार की महिलाओं की भी पिटाई कर दी। इससे स्थानीय लोगों का आक्रोश भड़क गया। ग्रामीणों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया।
लाठी-डंडे लेकर लोगों ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। सीओ आलापुर केके मिश्र एक दुकान में घुसे तो लोगों ने उन्हें घेर लिया और पिटाई शुरू कर दी। वे बाहर निकले, तो उन पर पथराव के साथ ही लाठी-डंडे से पिटाई कर दी गई। इससे सीओ का सिर फट गया और दाहिना हाथ टूट गया। सीओ के सिर में 22 टांके लगे हैं।
दरोगा अफसर आलम व सिपाही अमर के अलावा दो अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। वहीं, तीन ग्रामीण भी घायल हुए हैं। स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों ने किसी प्रकार का बल प्रयोग करने के बजाए विवाद टालने के लिए पीछे हटने का निर्णय लिया।ग्रामीणों ने वाहनों पर भी पथराव किया। इससे सीओ आलापुर के वाहन का शीशा टूट गया।
बाद में पूर्व विधायक त्रिवेणीराम एवं वरिष्ठ भाजपा नेता यमुना प्रसाद चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और परिवारीजनों को समझाया। विधायक अनीता कमल भी मौके पर पहुंचीं। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद लोगों का आक्रोश शांत हुआ।
उधर, मृतक राकेश के पिता आत्माराम की तहरीर पर पुलिस ने तीन अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज किया है। प्रभारी थानाध्यक्ष राजजीत बिंद ने बताया कि, छानबीन की जा रही है। घटना का कोई कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।