हत्या और डकैती के आरोपों से घिरी खाकी का दामन इस बार रिश्वतखोरी में दागदार हो गया। पुलिस ऑफिस स्थित डीसीआरबी में तैनात मुख्य आरक्षी हमीदुल्लाह ने शस्त्र लाइसेंस की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर 500 रुपये मांगे जिसका वीडियो बना लिया गया।
बृहस्पतिवार को मुख्य आरक्षी का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो देखकर पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने मुख्य आरक्षी को निलंबित करके सहायक पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विक्रांत वीर को जांच सौंपी है।
मुख्य आरक्षी ने किससे रिश्वत मांगी थी? यह फिलहाल पता नहीं चल सका है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुख्य आरक्षी हमीदुल्लाह डीसीआरबी में शस्त्र लाइसेंस की फाइलों का काम देखता था। एक शस्त्र लाइसेंस की फाइल आगे बढ़ाने के लिए उसने 500 रुपये रिश्वत मांगी थी।
आवेदक ने मुख्य आरक्षी का रिश्वत लेते हुए वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्य आरक्षी की करतूत से महकमा शर्मसार हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों और शाखा प्रभारियों को अपने अधीनस्थों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश देते हुए भविष्य में रिश्वतखोर पुलिसकर्मियों को रवैया सुधारने की चेतावनी दी है।
क्राइम ब्रांच से लाइन हाजिर होने पर जुगाड़ से कराई थी डीसीआरबी में तैनाती
मुख्य आरक्षी हमीदुल्ला जुगाड़ में माहिर है। वह क्राइम ब्रांच में तैनात रह चुका है। कुछ महीने पहले वहां से उसे लाइन हाजिर किया गया था, लेकिन उसने जुगाड़ से अपनी तैनाती पुलिस ऑफिस स्थित पैरवी प्रकोष्ठ में करा ली। यहां कुछ दिन बिताने के बाद उसने डीसीआरबी में तैनाती करा ली।
पुलिस ऑफिस में खुलेआम चलता है रिश्वतखोरी और वसूली का खेल
पुलिस ऑफिस में खुलेआम रिश्वतखोरी और वसूली का खेल चलता है। चरित्र सत्यापन में कई बार पुलिसकर्मियों को रुपया लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा जा चुका है। ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई, लेकिन रिश्वतखोरी व वसूली का सिलसिला जारी है।