अंबेडकरनगर के अहिरौली थाना क्षेत्र में बहला फुसलाकर किशोर से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। वहीं पुलिस ने पीड़ित व परिजनों को घंटों थाने में बैठाए रहने के बाद टरका दिया।
पीड़ित परिजनों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई की। पीड़ित परिवार ने बताया कि पुलिस ने उनसे ही आरोपी को ढूंढ़कर लाने को कहा है।
जानकारी के अनुसार थाना अहिरौली में एक व्यक्ति ने तहरीर देकर कहा कि मंगलवार की देर शाम गांव निवासी एक युवक उसके 12 वर्षीय पुत्र को बहला फुसलाकर घर से कुछ दूरी पर ले गया।
इसके बाद उसे लालच देकर उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। इस बीच उसकी पत्नी व पुत्री शौच के लिए खेत की तरफ गई हुई थीं। वहां उसकी पुत्री ने कराहने की आवाज सुनी तो गुहार लगा दी।
बंद है आरोपी के घर का ताला
परिजनों की आहट पाकर आरोपी मौके से भाग खड़ा हुआ। लड़के ने घरवालों को आपबीती सुनाई। देर शाम की घटना होने के कारण बुधवार को परिजन किशोर को लेकर थाने पहुंचे। वहां पुलिस का संवेदनहीन रवैया सामने आया।
पीड़ित किशोर के पिता ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करने की बजाए उन सब को थाने में घंटों बैठाए रखा गया।
वे सब प्रात: 8 बजे ही थाने पहुंच गए थे। पहले तो कहा गया कि 10 बजे थानाध्यक्ष से मुलाकात होगी। हालांकि 10 बजे से पहले ही एसओ से मुलाकात हुई तो उन्होंने एक सिपाही को गांव भेजा।
सिपाही ने बताया कि आरोपी के घर ताला बंद है, और वह मौके पर नहीं है। इस पर एसओ ने उसे टरकाते हुए कहा कि तुम घर जाओ, और जब आरोपी दिखाई पड़े तब बताना।
बोली पुलिस, एफआईआर तो फिर दर्ज हो जाएगी...
रामलाल ने बताया कि उसने जब थानाध्यक्ष से प्राथमिकी दर्ज करने को कहा तो उन्होंने कहा कि पहले आरोपी का तो पता लगाओ, एफआईआर तो दर्ज ही हो जाएगी।
इसके बाद भी वह काफी देर तक थाने में बैठा रहा, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर वह वहां से चला आया।
उधर एसओ राजेश यादव ने बताया कि तहरीर देने की बजाए परिजन यहां से चले गए। वे थाने पहुंच रहे हैं। केस दर्ज कर समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।