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आदिवासी लड़कियों की खरीद-फरोख्त में दो गिरफ्तार, पांच को पुलिस ने मुक्त कराया

Mon, 13 Feb 2017 08:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पकड़े गए आरोपी
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झारखंड की आदिवासी नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त करने वाले दो शातिरों को रविवार दोपहर जीआरपी ने चारबाग रेलवे स्टेशन से दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों के पास से पांच किशोरियां बचाई गई हैं। 10 से 16 साल की ये लड़कियां बेहद गरीब परिवारों की हैं।
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शातिर नौकरी लगवाने का झांसा देकर किशोरियों को उनके परिवारीजनों से लेकर आए थे। इंस्पेक्टर जीआरपी सुशील कुमार सिंह का कहना है कि इन सभी को बेचने के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। जीआरपी थाना में शातिरों के खिलाफ मानव की खरीद-फरोख्त की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है।

चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार-पांच पर रविवार सुबह पांच डरी-सहमी किशोरियों के साथ दो युवकों को देखकर लोगों ने जीआरपी को सूचना दी थी। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने किशोरियों से पूछताछ की तो पता चला कि गांव के ही दो युवक उन्हें दिल्ली ले जा रहे हैं।
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कैरियर के जरिए किया जाना था सौदा

पुलिस ने युवकों को दबोच लिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़े गए शातिर झारखंड के साहबगंज मिर्जा चौकी निवासी उदय मरांडी उर्फ मंटू व बिहार के गया इमोगंज में रहने वाला अमरजीत कुमार कहार हैं। दोनों दिल्ली जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।

उन्होंने अपने आस-पड़ोस के अत्यंत गरीब परिवार की बच्चियों को अच्छी नौकरी, पढ़ाई और बेहतर जीवन का झांसा दिया था। पांच लोग उदय और अमरजीत के झांसे में आ गए और अपनी बच्चियों को उनके सुपुर्द कर दिया। 10 से 16 वर्ष के बीच की पांच बच्चियों को लेकर वे दिल्ली जा रहे थे।

यहां एक कैरियर के जरिए बच्चियों का सौदा किया जाना था। पुलिस ने बच्चियों के परिवारीजनों से संपर्क किया है। फिलहाल सबको चाइल्ड लाइन की देखरेख में मोतीनगर स्थित राजकीय बालिका संरक्षण गृह में रखा गया है।

दिल्ली में नौकरी करता है उदय

उदय मरांडी ने बताया कि वह दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। दिल्ली में घरेलू कामकाज के लिए आदिवासी बच्चियों की बड़ी मांग है। उसके कई साथी बच्चियों को झारखंड से लाकर यहां निजी कंपनियों को बेचते हैं इसलिए उसने भी वैसा ही किया। अमरजीत ने बताया कि वह दिल्ली में निजी कंपनी में काम करने वाले चाचा के पास रहकर नौकरी की तलाश कर रहा है।

स्टाफ की कमी, देर रात दर्ज हुआ मामला
चारबाग रेलवे स्टेशन पर जीआरपी सिपाहियों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है, जिससे स्टाफ की कमी हो गई और काम प्रभावित हो रहे हैं। सुबह गिरफ्तार किए गए शातिरों व बरामद नाबालिग लड़कियों को देर शाम तक थाने में बिठाए रखा गया। जहां देर रात मामला दर्ज कर उन्हें संरक्षण गृह भेज दिया गया।

पढ़ने की है चाहत, पर भुखमरी से हारीं
नाबालिग लड़कियों ने बताया कि पढ़ने की चाहत है। किताबें भी स्कूल से मिली हैं, पर उनके घर में भुखमरी से हालात हैं। परिवार बड़ा है और कमाने वाले कम, इसलिए भुखमरी जैसे हालात हैं। कई बार तो ऐसा हुआ कि हफ्तों फांकों की नौबत आ चुकी है। दिल्ली में कुछ काम वगैरह कर परिवार को बोझ कम करने की चाहत में जा रहे थे।
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एक बच्ची के सौदे में मिलता है 3000 रुपये कमीशन

जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि उदय मरांडी को एक लड़की का सौदा कराने के बदले 3000 रुपये कमीशन मिलता था। वह दिल्ली में एक कैरियर को बच्चियां सौंप देता था। कैरियर एक बच्ची को 12000 रुपये में दूसरे को बेचता था।

कैरियर बच्ची को किसे और कितने रुपये में देता था, यह पता नहीं चल सका है। जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि दो लोगों को तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, लेकिन इनके पीछे गिरोह की आशंका है, जिसके लिए पूछताछ जारी है। जल्द ही इनके साथ काम करने वाले लोगों व पूरे रैकेट का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

कहानियों से भरमाता रहा अमरजीत
अमरजीत ने पूछताछ में जीआरपी सिपाहियों को बताया कि वह निर्दोष है और पटना रेलवे स्टेशन पर उदय मरांडी व लड़कियों से उसकी मुलाकात हुई। जहां इन लोगों के पास टिकट केपैसे नहीं थे, इसलिए दो हजार रुपये का नोट देकर सात लोगों के टिकट बनवाए। जिसका भुगतान लखनऊ में लेने की बात हुई थी।

मामले पर चारबाग रेलवे स्टेशन के जीआरपी प्रभारी सुशील कुमार सिंह का कहना है, ‘चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार-पांच से दो शातिरों को गिरफ्तार और पांच बच्चियों को बरामद किया गया है। पकड़े गए दोनों शातिर किसी संगठित गिरोह के गुर्गे लग रहे हैं जिसकी जड़ें झारखंड से दिल्ली तक फैली हैं। गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।’
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