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FB पर चल रहा किडनी खरीदने-बेचने का धंधा!

Wed, 14 May 2014 12:13 PM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर मानव अंगों की तस्करी का गोरखधंधा शुरू हो गया है।
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बीते दिनों आईपीएस अमिताभ ठाकुर के फेसबुक फ्रेंड प्रतीक जैन ने उनकी प्रोफाइल पर मैसेज भेजकर इसकी जानकारी दी।

प्रतीक जैन ने किडनी की दलाली करने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी दिया। इस नंबर पर दलाल से बातचीत के बाद अमिताभ ठाकुर ने गोमतीनगर पुलिस को किडनी रैकेट चलाने वालों के खिलाफ तहरीर दी है।

अमिताभ ठाकुर ने बताया कि उनके परिचित प्रतीक को अनुराग जोशी नाम के किसी व्यक्ति ने फेसबुक पर किडनी की जरूरत होने का मैसेज और अपना मोबाइल नंबर भेजा था।

आगरा के प्रतीक नोएडा में एचसीएल में नौकरी करते हैं। प्रतीक के संपर्क करने पर जोशी ने उसकी उम्र पूछी। जोशी का कहना था कि उम्र जितनी कम होगी, किडनी उतनी ही जल्दी और अच्छे दाम पर बिकेगी।
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प्रतीक की उम्र के हिसाब से जोशी ने उसकी किडनी के बदले साढ़े तीन से चार लाख रुपये देने की बात कही। जोशी ने कहा कि किडनी देने वालों के पास पासपोर्ट होना चाहिए। किडनी विक्रेता को पहले पुणे और ईरान जाना होगा।

जोशी के मुताबिक यह सारा खर्च किडनी लेने वाला ही उठाएगा। जोशी ने प्रतीक को लेन-देन के लिए बैंक अकाउंट के सभी डिटेल भी बता दिए। प्रतीक से जानकारी पाकर अमिताभ ठाकुर ने भी सोमवार को अनुराग जोशी से फोन पर बातचीत की।

जोशी ने ठाकुर से भी वही बातें दोहराई। उम्र के बारे में पूछने पर जोशी ने ठाकुर की किडनी के बदले तीन लाख रुपये देने को कहा। उसने ठाकुर से कहा कि  तुम्हारी उम्र अधिक है इसलिए किडनी खरीदने वाले व्यक्ति को ढूंढने में वक्त लगेगा।

जोशी ने कहा कि कम उम्र वाले व्यक्ति की किडनी तत्काल बिक जाएगी। उसने अमिताभ ठाकुर को कम उम्र का किडनी व्रिकेता ढूंढकर लाने का ऑफर भी दिया। प्रतीक की बातों की पुष्टि करने के बाद अमिताभ ठाकुर ने गोमतीनगर पुलिस को इस रैकेट के खिलाफ तहरीर दी।

अमिताभ ठाकुर का कहना है कि अनुराग जोशी किसी का फर्जी नाम भी हो सकता है। अगर पुलिस गहराई से छानबीन करेगी तो किडनी खरीदने-बेचने के बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि अनुराग जोशी अवैध किडनी तथा अंग-प्रत्यारोपण के बड़े गैंग से संबंधित व्यक्ति है और फेसबुक व सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों से लोगों से संपर्क कर यह काम कर रहा है। भारत के गरीब लोगों के लिए यह अत्यंत घातक है।
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कोई भी व्यक्ति गरीबों को फुसलाकर उनकी किडनी बिकवा सकता है। वह खुद भी अनुराग जोशी की तरह दलाल बन सकता है। अमिताभ ठाकुर का कहना है कि किडनी खरीदने वाले दलाल से बातचीत की रिकार्डिंग उनके पास मौजूद है।
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