विभूतिखंड क्षेत्र में संचालित टिस्का होल्डिंग कंपनी के खिलाफ दो और मुकदमे दर्ज होने के साथ ही सात मामलों में घोटाले की रकम डेढ़ करोड़ के करीब पहुंच चुकी है।
जबकि लाखों रुपये निवेश करने वालों की शिकायतों का सिलसिला अभी जारी है। पुलिस ने अंडरग्राउंड हुए निदेशकों की तलाश के साथ कंपनी के ऑफिस की निगरानी शुरू कराई है।
जमीन की खरीद-फरोख्त संबंधी लुभावनी योजनाओं का झांसा देकर अनेक लोगों से लाखों का निवेश कराकर रकम हड़पने की आरोपी टिस्का होल्डिंग कंपनी के खिलाफ रविवार को दो और मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
इसमें आजमगढ़ निवासी ज्ञानेंद्र सिंह ने कंपनी के निदेशकों पर 20 प्रतिशत ब्याज व अन्य लुभावने वादे करके 40 लाख का निवेश कराने और बांदा के श्रीप्रसाद ने कंपनी पर 16.20 लाख रुपये हड़पने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दोनों मुकदमों में टिस्का होल्डिंग कंपनी के निदेशक जानकीपुरम के सहारा सिटी निवासी राजेश राठौर व रामा देवी राठौर,आगरा निवासी हिमांशु परिहार व ऋतु परिहार,कंपनी के अधिकारी नदीम,वीर बहादुर सिंह व मुकेश को नामजद किया गया है।
इससे पहले पांच और मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इन मुकदमों में कंपनी द्वारा हड़पी रकम 1.47 करोड़ से अधिक है। इसके अलावा लाखों का निवेश करने वाले लोगों की शिकायत आने का सिलसिला जारी है।
कंपनी द्वारा पूरे देश में जाल फैलाकर करोड़ों की ठगी का अनुमान लगाया जा रहा है। मुकदमे दर्ज होने के साथ पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। इस बीच कंपनी के ऑफिस पर ताला लग चुका था।