जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी इनायत उल्ला उर्फ मो. इनायत रसूल (30) की रविवार भोर इलाज के दौरान मौत हो गई।
उसका तीन नवंबर से बलरामपुर अस्पताल में इलाज चल रहा था। परिवार ने मोहल्ले में रहने वाले रसूखदार भाइयों की पिटाई के चलते मौत की बात कही है।
डॉक्टरों ने कमजोरी और एंजाइटी को कारण बताया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वजह स्पष्ट होने की बात कह रही है।
चौक के थवई टोला छड़ा निवासी इनायत उल्ला चप्पल बनाने काम करता था।
बड़े भाई खादिम रसूल के मुताबिक 31 अक्तूबर को मोहल्ले के ही रसूखदार फैजान व रेहान ने कार का शीशा टूटने को लेकर हुए विवाद में इनायत को पीट दिया था।
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इसके साथ ही उसे पुलिस को सौंप दिया था। आरोप है कि तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस ने फैजान का शांतिभंग में चालान कर दिया।
जमानत की पैरवी न होने के चलते कोर्ट ने इनायत को जेल भेज दिया। उधर, जेल पहुंचते ही इनायत की हालत बिगड़ गई।
इलाज के बावजूद सुधार न होने पर तीन नवंबर को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान रविवार तड़के उसने दम तोड़ दिया।
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डॉक्टरों के अनुसार इनायत के पैर में गंभीर चोट थी। कमजोरी व एंजाइटी के चलते मौत हुई है। इसके साथ ही इंफेक्शन की संभावना भी जताई जा रही है।
इलाज में लापरवाही का आरोप
जेल अधीक्षक दधीराम मौर्य के अनुसार 31 अक्तूबर को जेल पहुंचे इनायत के पैर में पहले से चोट थी।
मेडिकल के बाद जेल के चिकित्सक इलाज कर रहे थे। इनायत की हालत के बारे में परिवार को भी सूचना भेजी गई। बावजूद कोई नहीं आया।
कुछ सुधार के बाद अचानक उसकी हालत बिगड़ने पर बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।