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भाजपा विधायक के शैडो की बेटी ने खुद को गोली से उड़ाया

Sat, 25 Jan 2014 01:00 AM IST
अनिल त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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मड़ियांव के फैजुल्लागंज मोहल्ले में शुक्रवार तड़के एक  भाजपा विधायक के शैडो की बेटी शिप्रा (18) ने सर्विस पिस्टल से खुद को गोली से उड़ा दिया।
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गोली की आवाज सुनकर घर में सनसनी फैल गई। फायरिंग से बेड पर सो रही बड़ी बहन चौंक कर बैठ गई। खून से लथपथ शिप्रा बेड पर और पिस्टल फर्श पर पड़ी थी।

सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की। पुलिस ने सर्विस पिस्टल अपने कब्जे में ले ली। पुलिस की मानें तो शिप्रा अच्छे नंबर लाने को लेकर डिप्रेशन का शिकार थी।

परेशान होकर उसने अलमारी से पिता की सर्विस पिस्टल निकाली और जिंदगी खत्म कर दी। पुलिस को जामा तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

पुलिस लाइन में आरक्षी पद पर तैनात योगेंद्र सिंह भाजपा विधायक कलराज मिश्र का शैडो हैं। सिपाही योगेंद्र की पत्नी चंदा भी अमीनाबाद कोतवाली में आरक्षी पद पर कार्यरत हैं।
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योगेंद्र अपनी पत्नी, बेटी दीपाक्षी, मीनाक्षी बेटे भूपेंद्र के साथ मड़ियांव के फैजुल्लागंज प्रयागी मंदिर के पास रहते हैं। योंगेद्र की सबसे छोटी बेटी शिप्रा ब्राइट वे स्कूल में 11वीं की छात्रा थी।

पुलिस के मुताबिक, शिप्रा क्लास में अच्छे नंबर लाने को लेकर परेशान थी, जिससे वह डिप्रेेशन का शिकार हो गई। बृहस्पतिवार को योगेंद्र सिंह भाजपा विधायक के साथ गोरखपुर रैली में गए थे।

देर रात करीब 11 बजे वह घर लौटे। योगेंद्र का कहना है कि घर पहुंचने पर लोड सर्विस पिस्टल अलमारी में रखने के बाद चाभी तकिए के नीचे रखकर कमरे में सोने चले गए।

शिप्रा बहन दीपाक्षी व मीनाक्षी के साथ अपने कमरे में सो रही थी। सुबह साढ़े पांच बजे अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर नींद टूटी। सभी शिप्रा के कमरे की ओर भागे।

कमरे के अंदर का नजारा देखकर होश उड़ गए। खून से लथपथ शिप्रा बेड पर और पिस्टल फर्श पर पड़ी थी। बताया जा रहा है कि शिप्रा ने अलमारी से पिस्टल निकाली और कमरे में सीने पर सटा कर खुद को गोली से उड़ा लिया।

उसके साथ कमरे में सो रही बहनें गहरे सदमे में थीं। सूचना पर मड़ियांव पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की। पुलिस ने योगेंद्र की सर्विस पिस्टल भी कब्जे में ले ली है और सभी से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने पूरे कमरे की सघन तलाशी भी ली। हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। शिप्रा की सहपाठियों और आसपास के मोहल्ले वालों से भी जानकारी की जा रही है।

इंस्पेक्टर मड़ियांव रघुवीर सिंह का कहना है कि पूछताछ में पता चला है कि शिप्रा पढ़ाई को लेकर चिंतित रहती थी। उसने कड़ी मेहनत की, लेकिन छमाही परीक्षा में उसे अच्छे नंबर नहीं मिले, जिससे डिप्रेशन का शिकार हो गई।
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करीब डेढ़ महीने से उसका इलाज चल रहा था। शिप्रा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर मौत की वजह साफ हो जाएगी। बाकी मामले की जांच की जा रही है।
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