सरदार पटेल डेंटल कॉलेज के बीडीएस छात्र देवधर मजूमदार (20) की उसके ही कॉलेज के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत से भड़के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को लखनऊ-रायबरेली हाईवे पर जाम लगा दिया।
देवधर और एक अन्य छात्र सौरभ शुक्ला मंगलवार रात शहीद पथ पर सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे।
छात्र- छात्राओं का आरोप था कि डेंटल कॉलेज के ओपी चौधरी अस्पताल में इलाज के दौरान प्रबंधन ने लापरवाही बरती।
देवधर की चोट गंभीर होने के बावजूद न्यूरो सर्जन और कार्डियो थोरेसिक वस्कुलर सर्जन (सीटीवीएस) को बुलाया नहीं गया और न ही उसे किसी और संस्थान के लिए रेफर किया गया।
सही इलाज न मिलने से देवधर की मौत हो गई। सुबह नौ बजे से लगे जाम के कारण नेशनल हाइवे की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद दोपहर साढ़े बारह बजे जाम समाप्त हुआ। बीडीएस द्वितीय वर्ष का छात्र देवधर त्रिपुरा के बिलौलिया साउथ का रहने वाला था।
मंगलवार शाम वह अपने साथी कानपुर निवासी सौरभ शुक्ला के साथ स्कूटी से किसी काम से निकला था।
रात करीब नौ बजे दोनों हॉस्पिटल लौट रहे थे, तभी शहीद पथ पर अंसल सिटी के पास अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी।
स्कूटी चला रहे देवधर के सिर और छाती में गंभीर चोटें आईं जबकि सौरभ का एक हाथ टूट गया था।
सौरभ ने राहगीरों से अपने कॉलेज व हॉस्पिटल भेजने के लिए मदद मांगी। इसके बाद पिंटू नाम के एक राहगीर ने दोनों को ओपी चौधरी अस्पताल पहुंचा दिया।
हॉस्पिटल में उपचार के दौरान रात करीब साढ़े तीन बजे देवधर की मौत हो गई। रात में ही अस्पताल में मौजूद छात्र-छात्राओं ने देवधर के इलाज में लापरवाही पर आक्रोश जताया।
सुबह होते-होते ये आक्रोश बढ़ गया और छात्र-छात्राओं ने लगभग नौ बजे हॉस्पिटल के गेट पर एकत्र होकर नारेबाजी शुरू कर दी।
कॉलेज प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए काफी देर तक नारेबाजी के बाद गुस्साए छात्र-छात्राएं लखनऊ-रायबरेली-इलाहाबाद नेशनल हाइवे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया।
इससे हाईवे पर यातयात ठप हो गया। कई घंटे के बाद वहां सीओ कैंट बबिता सिंह,एसजीपीजीआई और कैंट थाने की फोर्स पहुंची। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को समझाया।
छात्रों का कहना था कि ओपी चौधरी हॉस्पिटल में इलाज की कोई सुविधा नहीं है। इसके बावजूद प्रबंधन ने लापरवाही बरती और अच्छे इलाज के लिए देवधर को रेफर नहीं किया गया।
छात्र-छात्राओं ने आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दोपहर करीब 12.30 बजे डेंटल कॉलेज के चेयरमैन अनुराग सिंह ने इमरजेंसी में तैनात डॉ. प्रशांत मिश्र सहित तीन अन्य चिकित्सकों को सस्पेंड करने व जांच कमेटी गठित करने की घोषणा की।
इसके बाद जाम समाप्त हुआ। आक्रोशित छात्रों की तरफ से हॉस्पिटल मैनेजमेंट के खिलाफ तहरीर भी दी गई है।
सर! मैं मरना नहीं चाहता
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि देवधर को रात करीब सवा नौ बजे हॉस्पिटल लाया गया था। वहां उसका उपचार दंत चिकित्सकों ने शुरू कर दिया।
देवधर के सिर व छाती के साथ ही शरीर पर जगह-जगह चोटें लगी थीं। चिकित्सकों के हाथ जोड़कर वह बार-बार कह रहा था,‘मैं मरना नहीं चाहता सर।
प्लीज मुझे बचा लीजिए।’ उसकी यह हालत देखकर साथी छात्र-छात्राएं भी रोने लगे थे। उन्होंने देवधर को अच्छे अस्पताल भेजने की बात कही, लेकिन चिकित्सकों ने नहीं सुनी। करीब छह घंटे तड़पने के बाद उसने दम तोड़ दिया।
प्रिंसिपल ने दी गोली मारने की धमकी
साथी की मौत के बाद जाम लगा रहे छात्र-छात्राओं ने गुस्से का इजहार करने के लिए हाथों में पोस्ट लिए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही की शिकायत पर कॉलेज के प्रिंसिपल ने उन्हें गोली मार देने की धमकी थी।
देवधर की मौत से आहत कई छात्राएं रो रही थीं तो कुछ ने पोस्टर के जरिये बताने की कोशिश की कि हादसे के बाद देवधर पांच घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन डॉक्टरों ने न तो इलाज का सही तरीका अपनाया और न ही उसे दूसरे अस्पताल रेफर किया।
प्लेन से शव ले गया भाई
पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 4.15 बजे देवधर का शव अंतिम दर्शन के लिए सरदार पटेल डेंटल कॉलेज गेट पर लाया गया।
शव पहुंचने की जानकारी मिलते ही छात्र-छात्राओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सबने गेट पर ही खड़े शव वाहन में देवधर को श्रद्धांजलि दी।
कॉलेज के चेयरमैन अनुराग सिंह भी वहां पहुंचे और छात्र-छात्राओं को सांत्वना दिया।
पोस्टमार्टम के समय देवधर का भाई और अन्य परिवारीजन भी पहुंच चुके थे। शाम को वे 5.30 बजे की फ्लाइट से देवधर का शव लेकर त्रिपुरा रवाना हो गए।