इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहा जॉब फेयर शुक्रवार को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ का शो बन गया।
घंटों इंतजार के बाद प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए युवाओं के सब्र का बांध टूट गया। हंगामा कर रहे युवाओं ने आयोजकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
हाल में रखी कुर्सियों की गद्दी फाड़ दी और मेजें पलट दीं। सूचना पाकर पहुंची पुलिस आयोजकों को थाना ले जाने लगी तो उग्र युवाओं ने प्रतिष्ठान का गेट बंद कर जीप को घेर लिया।
इसके बाद कई थानों की फोर्स बुलाकर युवाओं को काबू में किया गया। ये सारा हंगामा करीब पांच घंटे तक चलता रहा।
बाद में राजाजीपुरम के एक युवक ने आयोजकों के खिलाफ विभूतिखंड थाना में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने एक आयोजक को गिरफ्तार कर लिया।
एडूसेंस इंडिया ने बृहस्पतिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय जॉब फेयर का आयोजन किया था।
शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक यहां रजिस्ट्रेशन, फिर अभ्यर्थियों के लिखित व मौखिक परीक्षा तथा इंटरव्यू होना था।
सुबह आठ बजे से ही प्रदेश के विभिन्न जनपदों से इंजीनियरिंग और कंप्यूटर सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स कर रहे करीब पांच हजार युवा यहां एकत्र हो गए।
इन सबसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 300-300 रुपये जमा कराए जाने लगे। हालांकि इंटरव्यू व एग्जाम के लिए आयोजकों का अता-पता नहीं था।
करीब साढ़े ग्यारह बजे एडूसेंस इंडिया के नेशनल हेड गौरव बाजपेई के साथ आयोजक अरुण वर्मा, स्वाती चौधरी व अन्य लोग इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान पहुंचे।
इस पर सुबह से इंतजार कर रहे युवाओं के सब्र का बांध टूट गया। गुस्साए युवाओं ने कहा कि सुबह से आयोजक व प्लेसमेंट के लिए आने वाली कंपनियों का कोई अफसर यहां मौजूद नहीं है।
कुछ युवाओं ने गौरव से एडूसेंस इंडिया के ऑफिस के बारे में पड़ताल शुरू कर दी तो कुछ अव्यवस्थाओं की शिकायत करते हुए हंगामा करने लगे।
समझाने की कोशिश करने पर युवा भड़क गए और हाथापाई करने लगे। आयोजक भागने लगे तो उन्हें खदेड़कर पीट दिया।
मारपीट में अरुण वर्मा का सिर फट गया जबकि गौरव व अन्य लोगों को भी चोटें आईं। इसी बीच कुछ युवाओं ने प्रतिष्ठान के हाल में रखी कुर्सियों की गद्दी फाड़ दी और मंच पर रखी मेजें व स्टैंडीज पलटा दीं।
इस दौरान मौजूद पुलिसकर्मी तमाशा देखते रहे। इस दौरान किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर हंगामे की जानकारी दी।
सूचना पाकर गोमती नगर सीओ विद्या सागर मिश्र फोर्स लेकर पहुंचे और आयोजकों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया।