आलमबाग के बरहा रेलवे कॉलोनी में बुधवार को एक छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। घर पहुंची मां ने दरवाजा न खुलने पर पड़ोसियों की मदद ली।
अंदर पहुंचे लोग उसे अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी। आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। परिवार के अनुसार जिद्दी स्वभाव का छात्र पिछले कुछ दिनों से तनाव में था।
आलमबाग के बरहा स्थित आई-25 सी रेलवे कॉलोनी निवासी शिवशंकर यादव डीआरएम ऑफिस में चतुर्थ श्रेणी कर्मी है।
शिवशंकर का छोटा बेटा प्रभाकर फैजाबाद विवि से बीएसएसी कर रहा था। परिवार के अनुसार सुबह पिता के ऑफिस जाने के बाद बड़ा बेटा सूरज व बहन कनौसी में बन रहे मकान को देखने चले गए।
जबकि मां दानी देवी के भी किसी काम से जाने के बाद प्रभाकर घर में अकेला रह गया। दोपहर 12 बजे के करीब मां लौटी। दरवाजा बंद होने के चलते आवाज लगाई।
काफी देर तक जवाब न मिलने पर शोर मचाया। मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर पहुंचते ही सब सन्न रह गए। टीनशेड के एंगल से बंधी रस्सी से प्रभाकर लटक रहा था।
तुरंत उसे नीचे उतारकर पास के निजी अस्पताल ले जाया गया,लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस को परिवार ने बताया कि प्रभाकर कुछ दिनों से तनाव में था। पूछने पर भी कुछ नहीं बताया।