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नलकूप चालक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने 11 को दबोचा

Sun, 02 Sep 2018 09:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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परीक्षा स्थगित होने के बाद प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : amar ujala
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राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली नलकूप चालक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

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मेरठ के सदर बाजार क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए युवकों ने एसटीएफ को कई राज बताए हैं। पूरे प्रकरण के मास्टरमाइंड की पहचान करने के लिए एसटीएफ ने जाल बिछा रखा है। गिरफ्तार युवकों के पास से 14.80 लाख रुपये नकदी के अलावा हाथ से लिखी हुई आंसर सीट, एडमिट कार्ड समेत आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।

बता दें कि राज्य अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा नलकूप चालक के 3210 पदों पर चयन के लिए रविवार को परीक्षा का आयोजन किया जाना था। आयोग ने लखनऊ के अलावा कानपुर, इलाहाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ, बरेली और आगरा में लिखित परीक्षा केंद्र बनाए थे।
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परीक्षा के लिए करीब 400 केंद्र बनाए गए थे और प्रश्न पत्रों को ट्रेजरी में रखा गया था। परीक्षा शुरू होने एक दिन पहले ही पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। शनिवार शाम को पेपर लीक होने की खबर फैलते ही आयोग ने फौरी तौर पर परीक्षा स्थगित कर मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी थी।

एसटीएफ ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए बीती रात ही पहले आठ लोगों को दबोचा और देर रात तीन अन्य लोगों को छापेमारी कर गिरफ्तार किया। इस तरह से इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि नलकूप पेपर लीक प्रकरण का सूत्रधार अमरोहा के एक प्राथमिक विद्यालय का शिक्षक सचिन है। वह मेरठ का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि एसटीएफ मेरठ टीम के पुलिस उपाधीक्षक बृजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर सभी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस की पूछताछ में गिरोह के सरगना सचिन ने बताया कि वह पिछले दो साल से विभिन्न परीक्षाओं के पेपर आउट करा चुका है। वह गिरोह बनाकर काफी दिनों से यह काम कर रहा है। इसी कड़ी में रविवार को होने वाले नलकूप चालक पद पर भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा का पेपर भी उसने आउट कराया है।

इसके बदले उसने कई अभ्यर्थियों से 6 से 7 लाख रुपये तक की डील हुई थी। इसमें भर्ती होने से पहले अभ्यर्थियों से 3-3 लाख रुपये और भर्ती होने के बाद 3 से 4 लाख रुपये लिए जाने की डील हुई थी।

उसने पुलिस को बताया कि एडवांस जमा कर चुके सभी अभ्यर्थियों को आंसर की देने के लिए वह मेरठ कैंट रेलवे स्टेशन के पास पार्क में जुटे थे कि उनको गिरफ्तार कर लिया गया। एसटीएफ ने सभी गिरफ्तार लोगों के खिलाफ मेरठ के सदर थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया है।

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पेपर लीक मामले में इनकी हुई गिरफ्तारी

सचिन (शिक्षक-अमरोहा), निवासी एतमादपुर, मेरठ 
-अंकित पाल (अभ्यर्थी) निवासी रिठानी, परतापुर,मेरठ
-दीपक (अभ्यर्थी), निवासी जवाहरनगर, गजरौला-अमरोहा
- सुरेन्द्र सिंह (अभ्यर्थी), निवासी दरियापुर बुजुर्ग, गजरौला अमरोहा
- प्रदीप ( अभ्यर्थी) निवासी जवाहरनगर, गजरौला, अमरोहा
- कपिल (अभ्यर्थी) निवासी तोफापुर, इंचौली, मेरठ।
- शुभम कुमार, निवासी मानक चौक, गढमुक्तेश्वर हापुड़
- सुमित शर्मा, पावटी, गढमुक्तेश्वर, हापुड़
- परमीत सिंह, निवासी एतमादपुर, परीक्षितगढ़, मेरठ
- लोकेश, निवासी कुराली, नकुड़, सहारनपुर
- गौरव कुमार निवासी पावटी, गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़
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