नाका क्षेत्र में मारपीट के मामले में बेटे की गिरफ्तारी का एक बुजुर्ग
महिला को ऐसा आघात लगा कि उसकी मौत हो गई।
इससे आक्रोशित परिवार ने शव सड़क
पर रखकर प्रदर्शन किया। एएसपी ने आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
पुलिस
सूत्रों के मुताबिक, मोहल्ला हरिनगर दुगावां में बाइक खड़ी करने को लेकर
प्रतीक सोनी उर्फ राजा का 17 सितंबर को अपने पड़ोसी अशोक गुप्ता से विवाद
हो गया था।
इस पर अशोक ने थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। इसकी भनक लगने पर
राजा अंडरग्राउंड हो गया और कोर्ट में पैरवी शुरू की। इस दौरान दुगावां
चौकी इंचार्ज रवि श्रीवास्तव ने राजा की तलाश में कई बार उसके घर दस्तक दी।
बताते हैं कि चौकी इंचार्ज शुक्रवार रात कांस्टेबल जावेद को साथ लेकर राजा
के घर पहुंचे और उसे शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। राजा व उसके
परिवार ने कोर्ट में की कार्रवाई का हवाला देकर गिरफ्तारी का विरोध किया।
इसके
बाद राजा की मां धन देवी देर रात परिवार के कुछ लोगों को साथ लेकर नाका
कोतवाली पहुंची और बेटे को रिहा करने की मांग की। आरोप है कि चौकी इंचार्ज
ने उनसे अभद्रता करते हुए कहा कि राजा का दाखिला हो चुका है और कोर्ट से ही
छूटेगा।
रात में उसे गर्म किया जाएगा। इससे बुरी तरह घबराई धन देवी अपने
घर लौटी। तड़के चार बजे उनकी हालत बिगड़ने लगी। बेटी नीलम व दामाद केके
सोनी ने उन्हें बलरामपुर अस्पताल पहुंचाया। वहां धन देवी ने दम तोड़ दिया।
इससे आक्रोशित परिवार सुबह आठ बजे दुगावां चौकी के पास पहुंचा और शव सड़क
पर रख प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला तूल पकड़ते देख पुलिसकर्मियों ने
उच्चाधिकारियों को सूचना दी। एसपी ने जैसे-तैसे मामला शांत कराया।